केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाते हुए VB–G RAM G एक्ट 2025 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नया कानून 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होगा। सरकार इसे विकसित भारत विजन के तहत तैयार की गई नई रोजगार व्यवस्था बता रही है, जिसे मौजूदा मनरेगा प्रणाली का अपग्रेडेड मॉडल माना जा रहा है।
क्या है VB–G RAM G एक्ट 2025?
सरकार के अनुसार यह नया कानून ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका की गारंटी को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके लागू होने के बाद गांवों में रहने वाले लोगों को सरकारी स्तर पर काम या निश्चित आय जैसी सुविधा मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
माना जा रहा है कि इससे ग्रामीण मजदूरों का रुझान निजी क्षेत्र या अस्थायी मजदूरी से हटकर सरकारी रोजगार योजनाओं की ओर बढ़ सकता है।
किन सेक्टरों पर पड़ेगा असर?
इस कानून का असर देश के लेबर मार्केट पर भी देखने को मिल सकता है। खासतौर पर कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर और उन उद्योगों पर दबाव बढ़ सकता है जो बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूरों पर निर्भर रहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी रोजगार विकल्प मजबूत होने से निजी कंपनियों को मजदूरों की उपलब्धता में कमी का सामना करना पड़ सकता है। इससे कंपनियों की लागत बढ़ने और कंप्लायंस से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं।
ग्रामीण बाजार को मिल सकता है बड़ा फायदा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीण लोगों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे गांवों में खरीदारी की क्षमता भी मजबूत हो सकती है।
इसका सीधा फायदा FMCG कंपनियों, कृषि इनपुट सेक्टर और ग्रामीण बाजार पर आधारित कारोबारों को मिल सकता है। अगर ग्रामीण खपत बढ़ती है तो इन सेक्टरों में मांग में भी तेजी देखने को मिल सकती है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
सरकार इस कानून को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला बड़ा कदम मान रही है। हालांकि इसका असर अलग-अलग उद्योगों और रोजगार बाजार पर अलग तरीके से पड़ सकता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि VB–G RAM G एक्ट ग्रामीण रोजगार और निजी सेक्टर के बीच किस तरह का संतुलन बनाता है।