योगी सरकार का बड़ा एक्शन! यूपीसीडा परियोजनाओं की होगी थर्ड पार्टी जांच, गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्ती

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी जांच व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। इसके तहत अब विकास कार्यों की गुणवत्ता का परीक्षण स्वतंत्र एजेंसी द्वारा कराया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ सके।

यूपीसीडा परियोजनाओं की जांच करेगी राइट्स लिमिटेड

उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने विकास कार्यों की गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी भारत सरकार के उपक्रम RITES Limited को सौंपी है।

नई व्यवस्था के तहत निर्माण कार्यों के सैंपल लिए जाएंगे और उनकी गुणवत्ता की जांच उद्यमी संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कराई जाएगी। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।

गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों का किया गया निरीक्षण

यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने गाजियाबाद के कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण में कविनगर, स्वदेशी औद्योगिक क्षेत्र, बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, साउथ साइड जीटी रोड, लोहामंडी, मेरठ रोड साइट-3 और साहिबाबाद जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल रहे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

समयसीमा में पूरे होंगे लंबित विकास कार्य

अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि थर्ड पार्टी ऑडिट व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और सभी लंबित परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।

साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, नाली, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया है, ताकि उद्योगों को बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जा सके।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई

औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों के साथ हुई बैठक में ट्रक पार्किंग, पार्कों के विकास, टेस्ट लैब, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और एक्सपो सेंटर जैसी सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई।

इस दौरान अधिकारियों ने सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा उद्यमियों से अनुचित मांग या उत्पीड़न की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निवेशकों को मिलेगा पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल माहौल

यूपी सरकार का कहना है कि निवेशकों और उद्यमियों को पारदर्शी, जवाबदेह और उद्योग-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

प्रदेश में लगातार बढ़ते निवेश प्रस्तावों और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे को देखते हुए गुणवत्ता नियंत्रण को विशेष महत्व दिया जा रहा है, ताकि निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सके।

ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य पर फोकस

सरकार का मानना है कि निवेश आकर्षित करने के लिए केवल नई परियोजनाओं की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके क्रियान्वयन की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

इसी रणनीति के तहत यूपीसीडा को अधिक जवाबदेह बनाया जा रहा है और औद्योगिक अवसंरचना को विश्वस्तरीय मानकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाते हुए उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाना है।

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