लखनऊ। पंचायत और विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस दौरान 2003 की वोटर लिस्ट का मौजूदा सूची से मिलान किया जाएगा। राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लखनऊ में बैठक कर अधिकारियों को इस प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया।
2003 और मौजूदा वोटर लिस्ट का होगा मिलान
जानकारी के मुताबिक, जिन मतदाताओं का नाम 2003 और मौजूदा वोटर लिस्ट दोनों में मौजूद होगा, उन्हें किसी भी डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन जिनके नाम बाद में जुड़े हैं या बच्चों के नाम जोड़े गए हैं, उन्हें जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। अगर किसी मतदाता का नाम काटा जाएगा तो उसके अभिलेख सुरक्षित रखे जाएंगे।
चुनाव आयोग की गाइडलाइन पर जोर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि “हर पात्र नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज हो, यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। निर्वाचक नामावली को त्रुटिरहित, पारदर्शी और समावेशी बनाना अत्यंत आवश्यक है।”
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण प्राप्त ईआरओ अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ और सुपरवाइजरों को छोटे समूहों में प्रशिक्षित करें। साथ ही 18–19 आयु वर्ग के युवाओं को भी विशेष अभियान चलाकर सूची में शामिल किया जाए।
घर-घर जाकर होगा सत्यापन
बीएलओ मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे, भरवाएंगे और सत्यापन करेंगे। इसके बाद जानकारी को बीएलओ ऐप पर अपलोड किया जाएगा। प्रशिक्षण में संबंधित विधिक प्रावधान, ईआरओ नेट, बीएलओ ऐप और एनजीएसपी पोर्टल के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि एसआईआर की सटीक तिथि जल्द घोषित की जाएगी, लेकिन इसकी तैयारी हर स्तर पर तेज कर दी गई है।