नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चल रहे आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का दावा किया गया है। इस दावे के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा शुरू किए गए आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री ने अपना पद छोड़ दिया। बताया गया कि धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेजने की जानकारी दी।
अपने कथित संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि “मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है. मैंने पहले दिन से ही इसकी जिम्मेदारी ली है और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. पिछले 10 दिन का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है.” उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर और देश में बने हालात का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं तथा देश की एकता और अखंडता बनी रहे।
शिक्षा व्यवस्था और युवाओं को लेकर कही यह बात
बताया गया कि धर्मेंद्र प्रधान ने एक विस्तृत नोट भी साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि वह चार दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। साथ ही उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं और न्यायोचित अपेक्षाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा करने का अवसर मिलने पर आभार भी जताया।
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया
शिक्षा मंत्री के कथित इस्तीफे के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने लिखा कि “हमने कर दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. इस तरह से लोकतंत्र की जीत हुई है.”
इसके अलावा CJP ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें अभिजीत दीपके ने नीट पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने कहा, “दुनिया झुकती है झुकाने वाला चाहिए.”
CJP की प्रमुख मांगें
इससे पहले CJP ने स्पष्ट किया था कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पार्टी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ कथित मारपीट के लिए सार्वजनिक माफी की मांग भी उठाई थी।
इसके साथ ही संगठन ने नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की। CJP का कहना था कि जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक में मुआवजे और एफआईआर वापस लेने के मुद्दे पर सरकार की ओर से सैद्धांतिक सहमति जताई गई थी। वहीं कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। दूसरी ओर, सरकार की ओर से पेपर लीक रोकने के लिए सीबीआई जांच, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और री-एग्जाम जैसे कदमों की बात कही गई थी।