मुंबई, 1 अक्टूबर 2025: शिवसेना (UBT) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर बड़ा बयान दिया है। ठाकरे ने कहा कि, “जिन लोगों ने भारत-पाकिस्तान का मैच देखा, वे देशद्रोही हैं।” उन्होंने खुद को देशभक्त बताते हुए कहा कि उन्होंने यह मैच नहीं देखा। ठाकरे के इस बयान से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
एशिया कप और केंद्र सरकार पर निशाना
उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद देश में पाकिस्तान के खिलाफ माहौल था और ऐसे समय में भारत-पाकिस्तान मैच आयोजित करना सही नहीं था। उन्होंने कहा कि, “देशभक्ति सिर्फ मैच देखने या न देखने तक सीमित नहीं हो सकती, बल्कि सही समय पर देशहित में सक्रिय होना ही सच्ची देशभक्ति है।”
उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी दलों की मांग के बावजूद मोदी सरकार ने इस मैच को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
महाराष्ट्र सरकार पर भी साधा निशाना
ठाकरे ने महाराष्ट्र की शिंदे सरकार और डिप्टी सीएम पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में बाढ़ और किसानों की समस्याओं से निपटने की कोई ठोस योजना नहीं है। उनका आरोप है कि, “सरकार सिर्फ अपनी ब्रांडिंग में व्यस्त है।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार सरकार में अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं।
‘महाराष्ट्र की अनदेखी हो रही’
ठाकरे ने मोदी सरकार पर महाराष्ट्र की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा, “बिहार चुनाव को देखते हुए वहां की महिलाओं को 10,000 रुपये दिए गए, लेकिन महाराष्ट्र के संकट की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। यह राज्य के साथ सरासर अन्याय है।”
उद्धव ठाकरे के इस बयान ने जहां क्रिकेट और देशभक्ति को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है, वहीं केंद्र और राज्य सरकार पर उनके निशाने ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।