नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2025: जीएसटी दरों में कटौती के बाद सितंबर 2025 में सरकार को जबरदस्त राजस्व बढ़ोतरी मिली है। आंकड़ों के अनुसार सितंबर में जीएसटी कलेक्शन 9.1% बढ़कर 1.89 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यह सितंबर 2024 में 1.73 लाख करोड़ रुपये और अगस्त 2025 में 1.86 लाख करोड़ रुपये की तुलना में कहीं ज्यादा है।
राज्य और केंद्र दोनों को फायदा
राज्य सरकारों को आशंका थी कि टैक्स दरों में कमी से राजस्व घटेगा, लेकिन सितंबर के आंकड़ों ने यह आशंका गलत साबित कर दी। दरअसल, 22 सितंबर से लागू नई दरों और त्योहारी सीजन में बढ़ी खरीदारी ने जीएसटी कलेक्शन को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
सकल घरेलू राजस्व 6.8% बढ़कर 1.36 लाख करोड़ रुपये और आयात कर 15.6% उछलकर 52,492 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, जीएसटी रिफंड भी सालाना आधार पर 40.1% बढ़कर 28,657 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.60 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 5% अधिक है।
किन वस्तुओं पर मिली राहत?
जीएसटी 2.0 सुधारों के तहत 375 वस्तुओं पर टैक्स दरों में कटौती की गई। इनमें रसोई का सामान, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, दवाइयां, उपकरण और मोटर वाहन शामिल हैं। इससे उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर सामान मिला और सरकार को भी अधिक कलेक्शन प्राप्त हुआ।
वित्त राज्य मंत्री का बयान
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जीएसटी सुधारों से बाजार में खरीदारी बढ़ी है और अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। उन्होंने इंदौर में कारोबारियों और विशेषज्ञों से संवाद करते हुए कहा, “जब आम लोगों के हाथों में अतिरिक्त धन पहुंचता है, तो इसका सीधा असर बाजार पर पड़ता है और राजस्व भी बढ़ता है।”
उन्होंने कांग्रेस नीत संप्रग सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी विश्वसनीयता की कमी के कारण जीएसटी प्रणाली उस समय लागू नहीं हो पाई थी।
सितंबर के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि जीएसटी सुधार न केवल उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आए हैं, बल्कि केंद्र और राज्यों के खजाने को भी भरने में मददगार साबित हुए हैं।