उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ते विरोध के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री A.K. Sharma ने तत्काल प्रभाव से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। अब तकनीकी जांच पूरी होने तक नए मीटर नहीं लगाए जाएंगे।
लखनऊ में हुई अहम समीक्षा बैठक
सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को लखनऊ स्थित Shakti Bhavan में ऊर्जा मंत्री ने बिजली विभाग के वरिष्ठ और क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों और तकनीकी खामियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
तकनीकी समिति करेगी जांच
बैठक में यह तय किया गया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर में आ रही समस्याओं की जांच के लिए एक तकनीकी समिति गठित की जाएगी। जांच पूरी होने तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया रोक दी गई है।
उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए कई अहम निर्देश जारी किए हैं। जहां पहले से स्मार्ट मीटर लगे हैं, वहां बैलेंस खत्म होने के बाद भी 3 दिन तक बिजली नहीं काटी जाएगी। साथ ही 2 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 200 रुपये तक का नेगेटिव बैलेंस होने पर भी सप्लाई जारी रहेगी।
छुट्टी और त्योहार पर नहीं कटेगी बिजली
ऊर्जा मंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि रविवार, त्योहार या अन्य अवकाश के दिन किसी भी हालत में बिजली सप्लाई नहीं रोकी जाएगी। इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
SMS और कॉल से मिलेगी जानकारी
स्मार्ट मीटर में बैलेंस कम होने पर उपभोक्ताओं को पहले से SMS और कॉल के जरिए अलर्ट किया जाएगा, ताकि अचानक बिजली कटने की समस्या से बचा जा सके।
भुगतान के बाद तुरंत बिजली बहाल करने के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिल भुगतान के तुरंत बाद बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। इसके लिए 24×7 टीम तैनात करने को कहा गया है, ताकि तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर देरी न हो।
शिकायतों के निस्तारण पर जोर
ऊर्जा मंत्री ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी शिकायतों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि बिजली बहाली में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गर्मी में उपभोक्ताओं को राहत देने पर फोकस
गर्मी के मौसम को देखते हुए सरकार ने बिजली व्यवस्था को सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।