800 साल पुराना भगवान शिव का मंदिर बना जंग की वजह! थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर ता मोअन मंदिर को लेकर संघर्ष तेज

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच एक बार फिर से सीमा विवाद ने तूल पकड़ लिया है — और इसकी जड़ है एक प्राचीन हिंदू मंदिर, जो भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर कोई साधारण स्थल नहीं, बल्कि 800 साल पुराना ता मोअन शिव मंदिर (Prasat Ta Moan Thom) है, जो दोनों देशों की सीमा पर स्थित है और लंबे समय से विवाद का कारण बना हुआ है।

इस मंदिर को लेकर संघर्ष इतना बढ़ गया है कि हाल ही में एक सैन्य झड़प में थाईलैंड में 12 लोगों की मौत हो गई। आइए जानते हैं इस मंदिर की खासियत और विवाद की पूरी कहानी—

कौन सा है यह मंदिर?

यह विवादित मंदिर ता मोअन मंदिर परिसर का हिस्सा है और इसे भी प्रासात ता मोअन थोम (Prasat Ta Moan Thom) कहा जाता है।

  • यह मंदिर कंबोडिया के ओदार मांचेय प्रांत और थाईलैंड के सुरीन प्रांत की सीमा पर डांगरेक पर्वतों में स्थित है।
  • मंदिर में एक प्राकृतिक शिवलिंग स्थापित है, जिससे यह हिंदू आस्था का पवित्र स्थल माना जाता है।
  • मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में खमेर सम्राट जयवर्मन सप्तम ने करवाया था।

क्या है ऐतिहासिक पृष्ठभूमि?

  • 9वीं से 15वीं सदी के बीच दक्षिण-पूर्व एशिया पर खमेर साम्राज्य का शासन था।
  • यह साम्राज्य आज के थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम, लाओस और म्यांमार तक फैला था।
  • खमेर राजाओं ने पूरे साम्राज्य में हिंदू मंदिरों का निर्माण करवाया, जिनमें भगवान शिव को विशेष रूप से पूजा जाता था।

क्या है मंदिर की विशेष वास्तुकला?

  • यह मंदिर मुख्य रूप से लेटराइट (एक खास लाल मिट्टी) से बना है, जिसमें बलुआ पत्थर का भी प्रयोग किया गया है।
  • इसकी मुख्य संरचना आयताकार है और इसका मुख्य द्वार दक्षिण दिशा की ओर खुलता है — जो खमेर मंदिरों के पारंपरिक नक्शे से हटकर है।
  • मंदिर की स्थिति ऊंचाई पर है, जिससे यह सैन्य दृष्टि से भी रणनीतिक महत्व रखता है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

  • यह मंदिर ऐसे इलाके में है जहां सीमा निर्धारण अधूरा है।
  • दोनों देश इस पर अधिकार जताते हैं।
  • फरवरी 2025 में जब कुछ कंबोडियाई सैनिक मंदिर क्षेत्र में घुसे और राष्ट्रगान गाया, तो विवाद और भड़क गया।
  • इसके बाद हुई झड़पों में थाईलैंड में 12 लोगों की मौत हो गई।

क्या कदम उठाए गए हैं?

नेशन थाईलैंड की रिपोर्ट के मुताबिक:

  • मई 2025 में थाईलैंड और कंबोडिया के सैन्य अधिकारियों की बैठक हुई।
  • इसमें तय किया गया कि मंदिर स्थल पर दोनों देश केवल 5-5 सैनिक ही तैनात करेंगे ताकि तनाव कम हो।
  • बाकी सैनिकों को पूर्व निर्धारित स्थानों पर ही रखा जाएगा।

और भी मंदिर हैं आसपास?

ता मोअन मंदिर परिसर में तीन मंदिर प्रमुख हैं:

  1. प्रासात ता मोअन थोम (मुख्य शिव मंदिर)
  2. प्रासात ता मुएन
  3. प्रासात ता मुएन तोट

इनमें से ता मोअन मंदिर सबसे बड़ा और सबसे प्राचीन माना जाता है।

ता मोअन शिव मंदिर सिर्फ एक ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया में फैले हिंदू संस्कृति के वैभव का प्रतीक है। लेकिन अफसोस की बात है कि आज यह राजनीतिक और सैन्य तनाव का कारण बन गया है।
अब देखना होगा कि दोनों देश इस पवित्र स्थल को संघर्ष से निकालकर सांस्कृतिक विरासत के रूप में संरक्षित कर पाते हैं या नहीं।

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