झालावाड़ (राजस्थान): राजस्थान के झालावाड़ जिले में शुक्रवार को एक हृदय विदारक हादसा हुआ, जब पिपलोदी गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत गिर गई। हादसे में अब तक 7 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 17 छात्र मलबे में दबकर घायल हो गए हैं। घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।
पढ़ाई के दौरान टूटी मौत की छत
घटना उस समय हुई जब स्कूल में नियमित पठन-पाठन चल रहा था और बच्चे कक्षा में मौजूद थे। इसी दौरान भारी बारिश के चलते स्कूल की जर्जर छत भरभराकर गिर गई, जिससे कई बच्चे मलबे के नीचे दब गए।
स्थानीय लोगों और शिक्षकों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और उन्हें मनोहर थाना सीएससी पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल 10 छात्रों को झालावाड़ अस्पताल रेफर किया गया है, जिनमें से 3 से 4 की हालत नाजुक बताई जा रही है।
एसपी ने दी स्थिति की जानकारी
झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने मौके से जानकारी देते हुए कहा:
“7 बच्चों की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हुए हैं। दस बच्चों को झालावाड़ रेफर किया गया है, जिनमें से तीन से चार की हालत गंभीर है।”
उन्होंने बताया कि गांव वालों, शिक्षकों और पुलिस बल की मदद से रेस्क्यू तेज़ी से किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने जताया शोक, जांच के आदेश
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने हादसे को लेकर बयान जारी करते हुए कहा:
“प्राथमिक विद्यालय में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जहां छत गिर गई। इस घटना में 7 छात्रों की मौत हो गई। कुछ छात्र घायल हुए हैं और उनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी छात्रों का सरकारी धन से इलाज कराया जाएगा। इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए उच्च-स्तरीय जांच भी शुरू की जाएगी।”
उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर व शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ने जताया दुख
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इस हादसे को “अत्यंत दुखद और पीड़ादायक” बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को हरसंभव चिकित्सीय सहायता दी जाए और जांच में कोई कोताही न हो।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा:
“झालावाड़ के मनोहरथाना में एक सरकारी स्कूल की इमारत गिरने से कई बच्चों एवं शिक्षकों के हताहत होने की सूचना मिल रही है। मैं ईश्वर से कम से कम जनहानि एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने की प्रार्थना करता हूं।”
प्रशासन पर उठे सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन की हालत पहले से खराब थी, लेकिन फिर भी उसमें नियमित कक्षाएं चलती रहीं। अब इस हादसे के बाद प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं।
लोगों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और स्कूलों की बिल्डिंग जांच अभियान तुरंत शुरू किया जाए।
झालावाड़ के मनोहरथाना में एक सरकारी स्कूल की इमारत गिरने से कई बच्चों एवं शिक्षकों के हताहत होने की सूचना मिल रही है। मैं ईश्वर से कम से कम जनहानि एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने की प्रार्थना करता हूं।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) July 25, 2025