राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला, बोले- ‘भगवान जब FIR दर्ज करेंगे तब कैसे बचेंगे?’

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी और गबन के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार इस मुद्दे पर भाजपा और संबंधित पक्षों को घेर रहे हैं। मंगलवार को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एक बार फिर इस मामले को उठाते हुए तीखी टिप्पणी की और कहा कि कानूनी कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन जब “भगवान की FIR” दर्ज होगी तब जवाब देना मुश्किल होगा।

सपा प्रमुख ने इस विवाद को श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया।

‘भगवान की FIR लिख जाएगी तो क्या करोगे?’

लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे राम मंदिर चढ़ावा विवाद में कानूनी कार्रवाई को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “हमारी आपकी कानूनी FIR संविधान वाली है वह अलग विषय है लेकिन जो भगवान की FIR लिख जाएगी उसका क्या करोगे आप?”

उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले से जुड़ी खबरों के बाद भगवान राम में आस्था रखने वाले लोग भी चिंतित और दुखी हैं। अखिलेश यादव ने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि कथित रूप से इस धन का लाभ कुछ बड़े लोगों तक पहुंच रहा था।

‘पेट पूजा से बड़ी कोई पूजा नहीं’

अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने सामाजिक सहयोग और भंडारे की परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “उस समय जब चढ़ावे को लेकर चिंता है, उस समय आप दान कर रहे हैं, एक दूसरे से सहयोग लेकर भंडारा कर रहे हैं, पेट पूजा से बड़ी कोई पूजा नहीं.”

उन्होंने कहा कि समाज में आपसी सहयोग और जरूरतमंदों की मदद की भावना सबसे महत्वपूर्ण है और धार्मिक आस्था के साथ पारदर्शिता भी उतनी ही जरूरी है।

INDIA गठबंधन को लेकर भी दिया बयान

आगामी चुनावों और विपक्षी गठबंधन के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि INDIA गठबंधन पहले की तरह बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि हालिया राजनीतिक परिस्थितियों में भाजपा को झटका लगा है और विपक्षी दल मिलकर आगे भी मुकाबला करेंगे। सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ जनता भी तैयार है।

चुनाव को लेकर अफवाह फैलाने का आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की ओर से यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव समय से पहले कराए जा सकते हैं। उनके मुताबिक यह केवल राजनीतिक चर्चा और अफवाहों का हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन और कार्यकर्ता किसी भी चुनावी चुनौती के लिए तैयार हैं और जनता के मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय हैं।

सबसे पहले सपा ने उठाया था मामला

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर सबसे पहले समाजवादी पार्टी की ओर से सवाल उठाए गए थे। अखिलेश यादव ने इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की थी।

हालांकि शुरुआती दौर में भाजपा और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने इन आरोपों को खारिज किया था, लेकिन बाद में यह मुद्दा राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का विषय बन गया। अब विपक्षी दल भी मामले में पारदर्शी जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी सियासी गर्मी

राम मंदिर से जुड़े इस विवाद ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। जहां विपक्ष सरकार और संबंधित संस्थाओं से जवाब मांग रहा है, वहीं भाजपा और ट्रस्ट से जुड़े पक्ष आरोपों को लेकर अपना पक्ष रख रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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