Gen Z को साधने का BJP का Mega Plan! Coaching से College तक जाएंगे सांसद-विधायक, ऐसे होगा Youth Connect

देश के युवाओं और खासकर Gen Z तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब पार्टी सिर्फ सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक संदेश पहुंचाने के बजाय उनके साथ सीधे और दोतरफा संवाद पर जोर देगी। इसके तहत सांसद, विधायक, केंद्रीय मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता कॉलेज, यूनिवर्सिटी और कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्रों से उनके मुद्दों पर बातचीत करेंगे।

खास बात यह है कि इस संवाद को पारंपरिक राजनीतिक मंचों से अलग और अपेक्षाकृत अनौपचारिक रखने की योजना है। यह रणनीति ऐसे समय में तैयार की गई है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में Gen Z युवाओं के प्रदर्शन और राजनीतिक सक्रियता को लेकर चर्चा तेज है।

14 से 22 साल के Youth पर BJP का फोकस

नीट पेपर लीक के बाद छात्रों के आंदोलनों और युवाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी के बीच बीजेपी ने अपना Gen Z Connect अभियान तैयार किया है। पार्टी अब 18 साल की उम्र से आगे बढ़कर 14 साल की उम्र से ही युवाओं के साथ संवाद स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।

अभियान के दायरे में 14 से 22 वर्ष तक के युवाओं को शामिल किया जाएगा। पार्टी की रणनीति के मुताबिक, सोशल मीडिया के दौर में यह आयु वर्ग न केवल अपनी राय बनाने में प्रभावी है, बल्कि परिवार और आसपास के लोगों की सोच को भी प्रभावित कर सकता है।

इसी वजह से Instagram, Snapchat और Reddit जैसे प्लेटफॉर्म पर विजुअल कंटेंट और Interactive Communication को बढ़ावा देने की योजना है।

Nitin Nabin ने Visakhapatnam में युवाओं से किया संवाद

बीजेपी के इस अभियान की झलक हाल में विशाखापत्तनम में भी देखने को मिली। 18 अगस्त को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने Gen Z युवाओं के साथ संवाद किया और पार्टी तथा सरकार की ओर से युवाओं के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Vertical Video और Selfie Format को भी पार्टी की युवाओं तक पहुंच बनाने वाली इसी व्यापक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। बीजेपी का प्रयास डिजिटल माध्यमों के साथ-साथ युवाओं के बीच व्यक्तिगत संवाद को भी मजबूत करने का है।

College, University और Coaching Center पहुंचेंगे नेता

BJP का Gen Z Connect अभियान केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी के सांसद, विधायक, केंद्रीय मंत्री और संगठन के वरिष्ठ नेता कॉलेज, विश्वविद्यालय, कोचिंग सेंटर और स्पोर्ट्स क्लब में जाकर युवाओं से बातचीत करेंगे।

इस बातचीत की शुरुआत परीक्षा, पाठ्यक्रम, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और करियर जैसे विषयों से की जाएगी। अगर छात्र राजनीतिक मुद्दे उठाते हैं तो नेताओं की ओर से बातचीत के माध्यम से उनका जवाब देने का प्रयास किया जाएगा।

पार्टी की रणनीति में संवाद को एकतरफा भाषण के बजाय दोतरफा बातचीत बनाए रखने पर खास जोर है।

पूरे साल चलेगा Youth Connect Campaign

बीजेपी का यह अभियान किसी निर्धारित समय सीमा तक सीमित नहीं होगा। योजना के मुताबिक, यह पूरे साल लगातार चलाया जाएगा। प्रदेश संगठन अभियान की निगरानी करेगा और इसकी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी।

IIT, IIM और बड़े शोध संस्थानों में स्थानीय सांसदों के साथ केंद्रीय स्तर के नेताओं के संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। इसके अलावा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में युवा टीमों के गठन पर भी जोर दिया जाएगा।

Kota, Patna और Prayagraj जैसे शहरों पर नजर

बीजेपी की रणनीति में कोचिंग संस्थानों को खास महत्व दिया गया है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि एक शिक्षक क्लासरूम और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं तक पहुंच बना सकता है।

इसी वजह से कोटा, पटना, प्रयागराज, बेंगलुरु, विशाखापत्तनम और तिरुवनंतपुरम जैसे प्रमुख शिक्षा और कोचिंग केंद्रों में इस अभियान को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी है।

इसके साथ ही संगठन और मंत्रिमंडल में युवा चेहरों को आगे लाकर भविष्य के नेतृत्व को तैयार करना भी बीजेपी की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है। यानी पार्टी का लक्ष्य सिर्फ युवाओं तक अपना राजनीतिक संदेश पहुंचाना नहीं, बल्कि उनके मुद्दों को सुनकर लगातार उनके साथ संवाद बनाए रखना भी है।

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