उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विरोधी दलों पर समाज को विभाजित करने का आरोप लगाते हुए एकजुट भारत की जरूरत पर जोर दिया। लखनऊ में आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा सम्मेलन में सीएम योगी ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और आने वाली पीढ़ी को तय करना होगा कि वह कैसा भारत चाहती है।
सीएम योगी ने कहा कि युवा ही भारत का भाग्य विधाता बनने वाला है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश को बिखरा हुआ, बंटा हुआ और जातीय खेमों में संघर्ष करता हुआ भारत चाहिए या फिर ऐसा भारत जो एकजुट और श्रेष्ठ हो। उन्होंने लोगों से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण के लिए काम करने की अपील की।
विरोधी दलों पर सीएम योगी ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी लोगों को मिलकर ऐसे भारत के लिए काम करना चाहिए जो एकजुट हो। उन्होंने आजादी से पहले के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी समाज को बांटने और जोड़ने वाले दोनों तरह के लोग मौजूद थे।
सीएम योगी ने कहा कि बांटने वाले तत्व उस समय भी देश की स्वतंत्रता के विरोध में थे और समाज को विभाजित करने का काम करते थे। उनके अनुसार, आज भी कुछ तत्व जाति, क्षेत्र, भाषा और अलग-अलग विचारधाराओं के नाम पर समाज की एकता को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे राष्ट्रमाता, भारतमाता और पूर्वजों के प्रति अपराध बताया तथा भारत की स्वतंत्रता को फिर से खतरे में डालने वाली कोशिश करार दिया।
ब्रिटिश काल का जिक्र कर सुनाया प्रसंग
मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश शासन के दौर को याद करते हुए कहा कि जब देश पराधीन था, तब लोगों के भीतर हताशा और निराशा का माहौल था। उस समय बहुत से लोग यह मानने लगे थे कि गुलामी ही उनकी नियति है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इसी दौर में आगरा में एक ऋषि का आगमन हुआ था, जिन्होंने मथुरा में साधना की और बाद में हरिद्वार में गायत्री परिवार की स्थापना की थी। उन्होंने इस प्रसंग के जरिए समाज में सकारात्मक सोच और एकजुटता की भूमिका पर जोर दिया।
परिवार और समाज को जोड़ने की जरूरत
सीएम योगी ने कहा कि आज देश ने तकनीक को अपनाया है और आधुनिक संसाधन पहले की तुलना में काफी बढ़े हैं। हालांकि, पहले संसाधनों की कमी के बावजूद परिवार समाज की सबसे बड़ी ताकत हुआ करता था। संयुक्त परिवारों में लोग संकट का सामना मिलकर करते थे।
उन्होंने कहा कि आज परिवार छोटे और सीमित होते जा रहे हैं। कई बार एक ही छत के नीचे रहने वाले लोगों की दिशाएं और सोच अलग-अलग हो जाती हैं। योगी ने कहा कि दुनिया के कई देशों में समाज के बिखराव और परिवारों के टूटने की समस्या इतनी गंभीर हो गई है कि वहां परिवारों को बचाने के लिए अलग मंत्रालय तक बनाने की जरूरत पड़ रही है।
शिक्षक को बताया समाज की चेतना और युग निर्माता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की चेतना होते हैं और युग निर्माता की भूमिका निभाते हैं। उनके अनुसार, जब शिक्षक जागरूक होकर अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करता है, तो भारत को विश्वगुरु बनने में देर नहीं लगेगी।
उन्होंने भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के श्रेष्ठ आचार्यों की परंपरा ने तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों का निर्माण किया था। जब दुनिया के कई हिस्से अंधकार में थे, तब भारत में नालंदा और तक्षशिला जैसे शिक्षा के बड़े केंद्र मौजूद थे।