प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चित नाम राजा भैया के परिवारिक विवाद ने अब सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर दिया है। कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी कुमारी सिंह के बीच चल रहा तनाव लंबे समय से सुर्खियों में था, लेकिन अब इसमें उनका बड़ा बेटा शिवराज प्रताप सिंह भी कूद पड़ा है। पिता के समर्थन में उतरे शिवराज ने मां पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वीडियो और पोस्ट डाले, तो वहीं भानवी सिंह ने भी भावुक अंदाज में बेटे को ‘कपूत’ कहकर पलटवार किया।
शिवराज का आरोप – संपत्ति हड़पने से लेकर नानी पर हमले तक
24 सितंबर को एक्स पर लिखे लंबे पोस्ट में शिवराज प्रताप सिंह ने मां भानवी सिंह पर आरोप लगाया कि वह नाना-नानी की संपत्ति हड़पने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मुकदमों में वह बार-बार कोर्ट में बेहूदगी की हदें पार कर चुकी हैं। शिवराज ने यह भी दावा किया कि मां ने वृद्ध और बीमार नानी पर जूतों से हमला किया।
शिवराज ने लिखा, “मम्मा कई बार कोर्ट में छीछालेदर करा चुकी हैं। जज साहब ने वकील से कहा कि अपने क्लाइंट को चुप कराइए।” उन्होंने यह भी कहा कि भानवी सिंह ने पिता राजा भैया से 100 करोड़ रुपये एकमुश्त और हर महीने 25 लाख रुपये ‘गुंडा टैक्स’ की मांग की है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
भानवी सिंह का जवाब – बेटे को कहा कपूत, राजा भैया पर गंभीर आरोप
बेटे के आरोपों पर भानवी कुमारी सिंह ने तुरंत पलटवार किया। नवरात्रि का हवाला देते हुए उन्होंने लिखा, “पूत कपूत सुने हैं पर न माता सुनी कुमाता। मुझे भरोसा नहीं कि मेरा बेटा कपूत हो सकता है।”
इसके साथ ही उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें उनके नाना और पिता यह कहते नजर आए कि भानवी को उनकी बहन ने पीटा था। भानवी ने राजा भैया पर अपनी ही बहन के साथ अवैध संबंध रखने और परिवार का जीवन बर्बाद करने का आरोप लगाया।
“रातों में घर से बाहर सोना पड़ा”
भानवी सिंह ने भावुक अंदाज में आगे कहा कि उन्हें मजबूरी में कई बार रातों को घर से बाहर सोना पड़ा। उन्होंने बेटे को चेतावनी भरे लहजे में लिखा कि जब उसे सद्बुद्धि आएगी, तब समझेगा कि मां ने कैसी प्रताड़ना झेली है।
भानवी ने अंत में राजा भैया पर अवैध हथियारों का जखीरा रखने और अंतरराष्ट्रीय गिरोह से संबंध होने के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि चरित्र हनन से कुछ हासिल नहीं होगा, लेकिन जांच एजेंसियों को असली सच्चाई सामने लानी चाहिए।