केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के बीकानेर दौरे के दौरान भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों की सराहना करते हुए देश की आंतरिक और सीमाई सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केवल सीमाओं की रक्षा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में जागरूकता और विकास भी उतना ही जरूरी है। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, महिला सुरक्षा बलों की भूमिका और बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी कई अहम बातें कहीं।
बीएसएफ जवानों को अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि
बीकानेर के सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट पर बीएसएफ जवानों से बातचीत करते हुए अमित शाह ने सीमा पर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “मैं बीएसएफ के दो हजार से अधिक शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. जबसे बीएसएफ की स्थापना हुई तबसे सीमा प्रहरियों ने न धूप देखी और न ही ठंड व बारिश की परवाह की.”
गृह मंत्री ने कहा कि जवानों ने रेगिस्तान, जंगल और कठिन मौसम में भी देश की सीमाओं की सुरक्षा में कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने बताया कि 45 डिग्री गर्मी से लेकर माइनस 45 डिग्री तापमान तक बीएसएफ के जवान डटे रहे हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में BSF के योगदान की तारीफ
अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ की भूमिका की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जवानों ने सीमा पर मजबूती से मोर्चा संभाला और अन्य सुरक्षाकर्मियों का मनोबल बढ़ाया।
उन्होंने कहा, “जहां पर बीएसएफ के जवानों ने मोर्चा संभाला था, वहां डटे रहे और अन्य सुरक्षाकर्मियों का हौसला भी बनाए रखा. इसके अलावा जहां जरूरत पड़ी, पाकिस्तान को मुहंतोड़ जवाब दिया.”
‘सिर्फ बॉर्डर सुरक्षा से देश सुरक्षित नहीं होगा’
गृह मंत्री ने सीमावर्ती गांवों की भूमिका को बेहद अहम बताते हुए कहा कि देश की सुरक्षा केवल बॉर्डर की निगरानी से सुनिश्चित नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, “सिर्फ सीमाओं की सुरक्षा करके हम देश की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते.”
उन्होंने सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में किसी भी संदिग्ध या अवैध निर्माण की जानकारी प्रशासन को देने पर जोर दिया। अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ को नागरिक प्रशासन, कलेक्टर और एसपी के साथ समन्वय बनाकर काम करना होगा।
बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर और नई बाड़ परियोजना पर भी बोले
अमित शाह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों और अन्य सुविधाओं को तेजी से विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 1,096 किलोमीटर लंबी पार्श्व सड़क और 520 किलोमीटर मुख्य सड़क से कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सीमा पर नई डिजाइन की बाड़ लगाने का काम भी जारी है। शाह ने बताया कि राजस्थान की लगभग 180 सीमा चौकियों पर पेयजल पाइपलाइन परियोजना पूरी की जा चुकी है।
महिला जवानों की भूमिका पर जताया गर्व
महिला बैरक के उद्घाटन का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि एक समय सवाल उठता था कि बेटियां सीमा सुरक्षा में क्या योगदान दे सकती हैं, लेकिन आज महिला जवानों ने खुद को साबित कर दिया है।
उन्होंने कहा, “मुझे गर्व हो रहा है कि बेटियों ने सुरक्षा में बेटों से दो कदम आगे बढ़कर योगदान दिया है.”
पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
बीकानेर दौरे के दौरान अमित शाह ने सांचू बॉर्डर आउटपोस्ट पर ‘खेजड़ी’ का पौधा भी लगाया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने पिछले पांच वर्षों में साढ़े सात करोड़ से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण पेश किया है।