नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद अब आयोग की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया था कि कर्नाटक में एक लाख से अधिक वोटों की चोरी हुई है और चुनाव आयोग इस गड़बड़ी में बीजेपी के साथ मिला हुआ है। आयोग ने इन आरोपों पर राहुल से औपचारिक रूप से शपथ पत्र पर साइन करने को कहा है, जिससे इन दावों की वैधता की जांच की जा सके।
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, “कर्नाटक में एक लाख से ज्यादा फर्जी वोट जुड़े हैं और चुनाव आयोग बीजेपी के साथ मिलकर इसमें शामिल है।” अब चुनाव आयोग ने इस बयान को गंभीरता से लेते हुए राहुल गांधी को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि यदि उनके पास अपात्र या फर्जी मतदाताओं के नाम हैं, तो उन्हें मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के नियम 20(3)(बी) के तहत शपथपत्र पर साइन करके संबंधित जानकारी भेजनी होगी ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा भेजे गए पत्र में साफ लिखा गया है कि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों को अगर शपथपूर्वक प्रमाणित नहीं किया गया, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब तक राहुल गांधी ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, और पहले बुलाए जाने पर भी वह आयोग के सामने पेश नहीं हुए।
इससे पहले भी आयोग ने राहुल गांधी के इन आरोपों को बेबुनियाद बताया था। अब आयोग की यह प्रतिक्रिया एक तरह की चेतावनी के रूप में देखी जा रही है — या तो राहुल गांधी अपने आरोपों को शपथपूर्वक प्रमाणित करें या फिर इस तरह के “बिना आधार के आरोप” न लगाएं।