नीतीश कुमार पर परिवारवाद को लेकर प्रशांत किशोर का बड़ा हमला, बोले- बिहार में सिर्फ 1200 परिवार ही बनते हैं नेता

बिहार की राजनीति में परिवारवाद को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है। नालंदा दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति कुछ चुनिंदा परिवारों तक सीमित होकर रह गई है, जबकि आम युवाओं को आज भी रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है।

नालंदा दौरे में कार्यकर्ताओं और मीडिया से बातचीत

गुरुवार (19 मार्च, 2026) को एक दिवसीय दौरे पर नालंदा पहुंचे प्रशांत किशोर ने पहले कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और बाद में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बिहार की राजनीति में बढ़ते परिवारवाद पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस आरोप से अब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद को अलग बताते रहे, बेटे निशांत की जेडीयू में एंट्री के बाद अब वह भी इस बहस के केंद्र में आ गए हैं।

परिवारवाद पर साधा निशाना

प्रशांत किशोर ने बिहार की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि नेताओं के परिवार राजनीति में लगातार आगे बढ़ रहे हैं, जबकि आम युवाओं के लिए अवसर सीमित हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के बेटे, लालू प्रसाद यादव के बेटे, रामविलास पासवान के बेटे और जीतन राम मांझी के बेटे राजनीति में सक्रिय हो चुके हैं, लेकिन राज्य का सामान्य युवक आज भी रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की फैक्ट्रियों में काम करने को मजबूर है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिहार की राजनीति कुछ परिवारों के इर्द-गिर्द सिमट गई है और आम लोगों को बराबर मौका नहीं मिल रहा।

चुनाव के बाद मौतों का किया दावा

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि चुनाव के बाद दूसरे राज्यों की फैक्ट्रियों में काम करने के दौरान बिहार के 50 से अधिक लोगों की मौत हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री के बेटे निशांत को राजनीति में आने पर बधाई दी, लेकिन साथ ही कहा कि बिहार में अवसरों का दायरा सीमित है। उन्होंने कहा, “बिहार में केवल 1200 परिवार ही नेता, मंत्री, सांसद और विधायक बनते हैं.”

जनता पर भी उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने केवल नेताओं ही नहीं बल्कि जनता की सोच पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के नेता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं, जबकि आम लोग अपने बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं हैं। उनके मुताबिक, थोड़ी आर्थिक मदद मिलने पर लोग अपने बच्चों को बाहर काम करने भेज देते हैं, जिससे राज्य से पलायन की समस्या लगातार बनी रहती है।

अनंत सिंह मामले पर क्या बोले पीके

विधायक अनंत सिंह को कोर्ट से राहत मिलने के सवाल पर प्रशांत किशोर ने टिप्पणी करने से बचते हुए इसे न्यायालय का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का मामला है और इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया देना उचित नहीं होगा।

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