2024 से पहले TMC सांसदों की अग्नि परीक्षा, क्या कई नेताओं के टिकट काटने वाली हैं ममता बनर्जी

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसदों के लिए यह अग्नि परीक्षा का वक्त है। रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी चीफ ममता बनर्जी अपने MPs को लेकर बहुत सतर्क हैं।टीएमसी आलाकमान इन नेताओं के लोकसभा क्षेत्रों से जनता की प्रतिक्रिया लेने में जुटा है। इसके बाद ही यह तय होगा कि मौजूदा सांसदों को टिकट दिया जाएगा या फिर नहीं। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रक्रिया हर एक एमपी पर अनिवार्य रूप से लागू होगी चाहे वे स्थानीय स्तर पर कितने भी बड़े दिग्गज क्यों न हों। सूत्रों ने कहा कि हाईकमान ने उम्मीदवारों का आकलन करने के लिए कुछ खास मानक तय किए हैं…

लोकसभा क्षेत्र में बिताया कितना समय
टीएमसी की ओर से लोकसभा इलेक्शन के लिए टिकट देते समय इस बात का खास ध्यान रखा जाएगा कि बतौर सांसद उस नेता ने अपने क्षेत्र में कितना समय बिताया है। आलाकमान देखेगा कि जिस सीट से पार्टी नेता सांसद बना है, उसने वहां की जनता को कितना समय दिया है। ऐसे में पार्टी के कुछ सेलिब्रिटी सांसदों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ये ऐसे लीडर हैं जिन्हें चुनाव जीतने के बाद स्थानीय लोगों से बातचीत करते कम ही देखा गया है।

कैसा रहा ट्रैक रिकॉर्ड
रिपोर्ट के मुताबिक, ममता बनर्जी अपनी पार्टी से उन्हीं मौजूदा सांसदों को दोबारा टिकट देंगी जिनका ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा होगा। सूत्रों ने कहा कि नेताओं का जनता के साथ बर्ताव कैसा रहा, इसे भी अच्छे ढंग से परखा जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि उन्होंने अपने मतदाताओं को किस तरह की मदद दी है। यब सब पता लगाने के लिए अलग से टीम भेजी जा सकती है। साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों से सीधा संवाद भी किया जा सकता है।

भ्रष्टाचार के मामले
तृणमूल कांग्रेस के कुछ सीनियर नेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। इन लीडर्स की गिरफ्तारी के बाद पार्टी करप्शन के आरोपों से जूझ रही है। इस तरह आगे से उम्मीदवारों के चयन में साफ छवि एक बड़ा फैक्टर होने वाला है। अगर कोई सांसद भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो पार्टी आलाकमान उन्हें टिकट देने से इनकार कर सकता है। टीएमसी इस बार मतदाताओं के सामने भ्रष्टाचार मुक्त छवि पेश करने की कोशिश कर रही है।

निर्वाचन क्षेत्र से मतदाताओं की प्रतिक्रिया
2024 के लोकसभा चुनाव के लिए TMC ने 2021 से कई आंतरिक सर्वे कराए हैं। हाईकमान को निर्वाचन क्षेत्र के वोटर्स से तटस्थ राय मिलने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में भी कई उम्मीदवारों को बदला था। ऐसे में इस बार भी यह बदलाव देखने को मिल सकता है। तृणमूल को भाजपा से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है। इसलिए सीएम ममता यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि भगवा पार्टी 2019 के अपने प्रदर्शन को न दोहरा सके।

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