उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 413 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुए कहा कि सरकार जनता के पैसे का उपयोग केवल जनहित में करेगी। उन्होंने कहा कि विकास पर खर्च होने वाला धन किसी मुख्यमंत्री या मंत्री का नहीं, बल्कि जनता का है और सरकार केवल उसका सही नियोजन कर रही है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में 342 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान ‘स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ’ से जुड़ी पुस्तिका का विमोचन भी किया गया और एक लघु फिल्म दिखाई गई।
नगर निगमों के कामकाज की CM योगी ने की सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की जनता ने पहली बार सभी 17 नगर निगमों में भाजपा के मेयर चुने, जिसके बाद नगर निगमों ने विकास और स्वच्छता के नए मानक स्थापित किए।
उन्होंने कहा, “हमें पिछली सरकारों के पापों के गड्ढों को भरने, भ्रष्टाचार के कूड़े को साफ करने में समय भी लगा.”
सीएम ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में नगर निगमों ने विकास और सफाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है।
लखनऊ को नंबर-1 स्वच्छ शहर बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता रैंकिंग में लखनऊ को देश में तीसरा स्थान मिला है, लेकिन अब इसे पहले स्थान तक पहुंचाना लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने साफ-सफाई को केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी बताया।
सीएम योगी ने लोगों से घर का कूड़ा अलग-अलग रखने, सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने और सरकारी संपत्तियों को नुकसान न पहुंचाने की अपील की।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग महंगी गाड़ियों से आकर गमले चोरी करते हैं, जबकि शहर को सुंदर बनाए रखने में सभी की जिम्मेदारी है।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का जिक्र करते हुए कहा कि जहां कभी वर्षों तक कूड़ा डंप होता था, आज वहां बेहतरीन सार्वजनिक स्थल तैयार हो चुका है। उन्होंने बताया कि वहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
सीएम ने कहा कि आज लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर, मेट्रो और आधुनिक जनसुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी ने बिना नाम लिए विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारें केवल परिवारवाद तक सीमित थीं, जबकि उनकी सरकार गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखकर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 65 लाख से अधिक गरीबों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं और सरकार बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है।
ऊर्जा संकट और बिजली कटौती पर क्या बोले CM?
प्रदेश में बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और सप्लाई चेन बाधित होने के कारण ऊर्जा संकट पैदा हुआ है। उन्होंने बताया कि अचानक बढ़ी गर्मी के चलते कई थर्मल पावर प्लांट बंद हुए, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ।
सीएम ने कहा कि 2017 की तुलना में अब प्रदेश में बिजली आपूर्ति और उत्पादन दोनों में बड़ा इजाफा हुआ है। उन्होंने नागरिकों से जरूरत के अनुसार ही बिजली इस्तेमाल करने की अपील की।
उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार हर समस्या का समाधान निकालेगी.”
नगर निगम को बताया समस्याओं के समाधान का प्लेटफॉर्म
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम नागरिक समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में नया नगर निगम भवन, मॉडल गोशाला और आधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लखनऊ में 10 हजार लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा, जिसका टेंडर जारी हो चुका है।
विकास मॉडल को सफल बनाने की अपील
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से विकास योजनाओं में सकारात्मक सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए नगरीय निकायों और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी है।