
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आगामी लोकसभा चुनाव से पहले जाति गणना पर देशभर में जनजागरण करेंगे। जेडीयू के जनजागरण अभियान की शुरुआत झारखंड से होगी। नए साल में नीतीश कुमार झारखंड में रैली करने वाले हैं।जेडीयू की दिल्ली में हुई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया है। इससे पहले राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ललन सिंह ने जेडीयू अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया और नीतीश ने खुद पार्टी की कमान संभाल ली।नीतीश कुमार के जेडीयू अध्यक्ष बनने के बाद कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ गया है। बिहार में इस साल हुई जातिगत गणना के मुद्दे को जेडीयू आगामी लोकसभा चुनाव में भुनाना चाहती है। जेडीयू की राष्ट्रीय परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में यह तय किया गया कि नीतीश कुमार इसे लेकर पूरे देश में जनजागरण अभियान चलाएंगे।जेडीयू के इस अभियान की शुरुआत झारखंड से होगी। बता दें कि 21 जनवरी को नीतीश कुमार को झारखंड के रामगढ़ में सभा प्रस्तावित है। इससे पहले उनकी दिसंबर में यूपी के वाराणसी में भी रैली होने वाली थी। मगर उसे बाद में स्थगित कर दिया गया।जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पूर्व में बताया था कि जातिगत जगना के बाद नीतीश कुमार की देशभर में लोकप्रियता बढ़ी है। कई राज्यों के सामाजिक संगठनों ने उन्हें अपने यहां जनसभा के लिए आमंत्रित किया है। सीएम नीतीश यूपी और झारखंड के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में भी रैलियां कर सकते हैं।वहीं, दिल्ली में शुक्रवार शाम को हुई राष्ट्रीय परिषद की बैठक राष्ट्रीय कार्यकारिणी के उस फैसले पर भी मुहर लगाई गई, जिसमें सीएम नीतीश कुमार को पार्टी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव दिया गया था। जेडीयू की कमान आधिकारिक रूप से अब नीतीश के हाथों में आ गई है। ललन सिंह ने सुबह राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अपने पद से इस्तीफे का ऐलान किया था।