रूसी तेल पर अमेरिकी दबाव पर जयशंकर का करारा जवाब: “पसंद नहीं तो मत खरीदो, भारत की अपनी रेड लाइन है”

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा भारत पर रूसी तेल खरीदने को लेकर 50% टैरिफ लगाने की धमकी पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत अपनी ऊर्जा नीतियों पर स्वतंत्र निर्णय लेगा और किसी दबाव में नहीं आएगा।

“भारत से ज्यादा यूरोप करता है रूस से ट्रेड”

जयशंकर ने कहा कि भारत की तुलना में यूरोप रूस के साथ कहीं ज्यादा व्यापार करता है। इसके बावजूद केवल भारत पर सवाल उठाना उचित नहीं। विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत पर अतिरिक्त टैरिफ 27 अगस्त से लागू होने वाला है।

“पसंद नहीं तो मत खरीदो” – जयशंकर

इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में जयशंकर ने दो टूक कहा, “अगर आपको भारत से तेल या रिफाइंड उत्पाद खरीदने में कोई समस्या है तो मत खरीदिए। कोई आपको मजबूर नहीं कर रहा। यूरोप और अमेरिका खुद भी खरीदते हैं, इसलिए अगर पसंद नहीं तो न खरीदें।”

उन्होंने याद दिलाया कि 2022 में तेल की बढ़ती कीमतों के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता थी। उस समय भी कहा गया था कि भारत रूस से तेल खरीद कर कीमतों को स्थिर करने में मदद कर रहा है।

“भारत की अपनी रेड लाइन”

ट्रंप प्रशासन के साथ चल रही ट्रेड वार्ता में आ रही चुनौतियों पर विदेश मंत्री ने कहा, “भारत की अपनी रेड लाइन हैं। हम स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता रखते हैं। हमारा लक्ष्य केवल राष्ट्रीय हित नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा स्थिरता भी है। भारतीय तेल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों में कीमतें संतुलित करने में मदद करता है।”

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