ट्रिगर पर हैं हमारी उंगलियां, अमेरिका से शांति वार्ता से पहले ईरान की इजरायल को खुली चेतावनी, बढ़ा वैश्विक तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता से ठीक पहले मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। शुक्रवार (10 अप्रैल) को प्रस्तावित बातचीत से पहले ईरान ने इजरायल को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कहा है कि लेबनान पर हमले तुरंत रोके जाएं, अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती है। गुरुवार (9 अप्रैल) को जारी बयान में ईरान ने संकेत दिया कि अगर आक्रामक कार्रवाई जारी रही तो जवाब देने के लिए वह पूरी तरह तैयार है।

लेबनान पर हमले को बताया सीजफायर का उल्लंघन

ईरान ने आरोप लगाया कि लेबनान के खिलाफ बार-बार किए जा रहे हमले संघर्ष विराम समझौते का खुला उल्लंघन हैं। ईरान का कहना है कि ऐसी सैन्य कार्रवाइयां शांति प्रक्रिया को कमजोर कर रही हैं और बातचीत की कोशिशों को बेअसर बना सकती हैं। साथ ही उसने कहा कि वह लेबनान के लोगों का साथ नहीं छोड़ेगा और मौजूदा घटनाक्रम भविष्य के समझौतों पर भरोसे को कमजोर करने वाला संकेत है।

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का कड़ा संदेश

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सीधे इजरायल को चेतावनी दी। उन्होंने लिखा, ”लेबनान में इजरायल का फिर से घुसपैठ करना, शुरुआती संघर्ष-विराम समझौते का खुला उल्लंघन है. यह धोखेबाजी और भविष्य के संभावित समझौतों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी का एक खतरनाक संकेत है. इन कार्रवाइयों का जारी रहना बातचीत को बेमानी बना देगा. हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं. ईरान अपने लेबनानी भाई-बहनों को कभी नहीं छोड़ेगा.”

फ्रांस ने भी जताई चिंता, इजरायल की कार्रवाई की आलोचना

इजरायल द्वारा लेबनान में किए गए हमलों पर फ्रांस ने भी प्रतिक्रिया दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इन हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे हाल ही में हुए सीजफायर को खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से बातचीत कर फ्रांस की एकजुटता जताई। इजरायल का दावा है कि उसने ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह के 100 से अधिक कमांड सेंटर और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

लेबनानी नेतृत्व से बातचीत के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति ने एक्स पर लिखा, “ये हमले अभी हुए सीजफायर के बने रहने के लिए सीधा खतरा हैं. लेबनान को इस सीजफायर के तहत पूरी तरह शामिल किया जाना चाहिए.”

पाकिस्तान की मध्यस्थता में होगी अमेरिका-ईरान वार्ता

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत आयोजित की जा रही है। दो सप्ताह के सीजफायर पर सहमति बनने के बाद दोनों देशों के बीच संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। खबर है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस इस वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंच सकते हैं।

इस बीच पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने सोशल मीडिया पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने की जानकारी साझा की थी, हालांकि बाद में वह पोस्ट हटा दी गई। ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि समझौता वार्ता के लिए ईरान की ओर से कौन प्रतिनिधित्व करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *