नई दिल्ली: भारत ने एक बड़ा मानवीय कदम उठाते हुए जम्मू की तवी नदी में संभावित बाढ़ को लेकर पाकिस्तान को पहले ही आगाह कर दिया है। इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग ने 24 अगस्त को पाकिस्तानी अधिकारियों को यह जानकारी दी। खास बात यह है कि यह संपर्क ऐसे समय हुआ है जब 22 अप्रैल के आतंकी हमले और उसके बाद हुए सैन्य संघर्ष के चलते दोनों देशों के रिश्ते ठंडे पड़े हैं।
भारतीय उच्चायोग ने दी जानकारी
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय उच्चायोग ने तवी नदी में बाढ़ की संभावना को लेकर पाकिस्तान को आगाह किया है। इसके बाद पाकिस्तान ने भी अपने यहां अलर्ट जारी कर दिया। बताया जा रहा है कि मई में दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष के बाद यह पहली बड़ी बातचीत है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद तनाव
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव बढ़ा था। उसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु जल संधि को रद्द करने का ऐलान किया था। फिलहाल यह संधि स्थगित है, लेकिन बाढ़ चेतावनी का यह कदम दोनों देशों के बीच अप्रत्याशित पहल मानी जा रही है।
NDMA ने भी जारी की चेतावनी
पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने 30 अगस्त तक देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मानसून की बारिश से पाकिस्तान अब तक भारी तबाही झेल चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वहां 788 से अधिक लोगों की मौत और 1,018 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।
सिंधु जल संधि का महत्व
साल 1960 में लागू हुई सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच जल बंटवारे की व्यवस्था का आधार रही है। अप्रैल के हमले के बाद भारत ने इस संधि को निलंबित कर दिया था। इसके बावजूद बाढ़ की सूचना साझा करना भारत के मानवीय रुख को दर्शाता है।
सोशल मीडिया पर भारत की सराहना
सोशल मीडिया पर लोग भारत की इस दरियादिली की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कोई इसे “पड़ोसी धर्म” कह रहा है तो कोई भारत के बड़े दिल का उदाहरण बता रहा है। लोगों का कहना है कि मुश्किल वक्त में मदद करना ही असली इंसानियत है।