डीग (राजस्थान)। नवरात्र के मौके पर डीग जिले के श्री जड़खोर गोधाम में चल रहे गो आराधन महोत्सव में दो संतों के विवादित बयान सामने आए हैं। पुरी के जगन्नाथ धाम से आए संत विशुद्धानंद जी महाराज ने हिंदुओं को ज्यादा बच्चे पैदा करने की नसीहत देते हुए कहा कि जो लोग केवल एक बच्चा पैदा कर उसे पढ़ाई या नौकरी के लिए विदेश भेजते हैं, वे देशद्रोही हैं और उन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए।
“तीन से कम बच्चे वालों को आशीर्वाद नहीं”
विशुद्धानंद जी महाराज ने कहा कि आजकल हिंदू न तो बच्चे पैदा करना चाहते हैं और न ही धर्म की सेवा में लगना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हिंदुओं में थोड़ी राष्ट्रभक्ति की कमी है। जो केवल एक बच्चा पैदा करता है और उसे भी विदेश भेज देता है, वह न तो राष्ट्र का भला करता है और न धर्म का। ऐसे लोग देशद्रोही हैं और फांसी के हकदार हैं।”
उन्होंने साफ कहा कि अगर हिंदू एक बच्चा पैदा कर विदेश भेजना चाहते हैं, तो कम से कम चार बच्चे पैदा करें। “जब तक कोई विवाहित जोड़ा तीन बच्चे पैदा करके नहीं आएगा, तब तक मैं उन्हें आशीर्वाद नहीं दूंगा। एक बच्चे वालों को संतों का आशीर्वाद नहीं मिलेगा।”
राजेंद्र दास महाराज ने तंबाकू को बताया ‘गौमांस खाने जैसा पाप’
इसी महोत्सव में मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास महाराज ने भी विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, “तंबाकू खाने वाला व्यक्ति वही पाप करता है जो गौमांस खाने वाला करता है। तंबाकू हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है, यह मुसलमानों की परंपरा है।”
उन्होंने आगे कहा कि व्यसन मनुष्य जीवन की बर्बादी का बड़ा कारण है। “नशा करके ध्यान करने या माला फेरने का कोई अर्थ नहीं है। व्यसन जीवन की बर्बादी का सबसे बड़ा कारण है।”
“व्यसन और ढोंगी संत बर्बाद कर रहे समाज”
भागवत कथा के दौरान राजेंद्र दास महाराज ने कबीरदास की पंक्तियां दोहराते हुए कहा, “अमली होकर करे ध्यान, गिरही होकर कथे ज्ञान, साधु होकर कुटे भग — ये तीनों ठग हैं।” उन्होंने कहा कि ऐसे लोग कभी भगवान का स्मरण नहीं कर सकते और समाज को गुमराह कर रहे हैं।
22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेगा महोत्सव
गो आराधन महोत्सव 22 सितंबर से शुरू हुआ है और 1 अक्टूबर तक चलेगा। इस आयोजन में देशभर से आए कई संत-महात्मा शामिल हो रहे हैं। हालांकि, संतों के इन विवादित बयानों के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब यह कार्यक्रम राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा बन गया है।