उत्तराखंड सरकार ने आगामी चारधाम यात्रा के दौरान मंदिरों की पवित्रता और मर्यादा को अक्षुण्ण रखने के लिए एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। सोशल मीडिया पर रील और व्लॉग बनाने के होड़ में धार्मिक स्थलों पर होने वाले विवादों को देखते हुए इस साल बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल अनावश्यक शोर-शराबे और विवादों पर लगाम लगेगी, बल्कि श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
इन जगहों पर मोबाइल ले जाने की मनाही
चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में हुई एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदरीनाथ धाम में सिंहद्वार से आगे मोबाइल ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। वहीं केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के परिसरों में भी श्रद्धालुओं को फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
आयुक्त ने कहा, “बीते कुछ वर्षों में मोबाइल से रील और ब्लॉग बनाने के दौरान कई बार विवाद की स्थिति सामने आई है, जिससे धामों की गरिमा प्रभावित होती है.”
भक्तों की सुविधा के लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और जिला प्रशासन धामों के प्रवेश द्वार से पहले मोबाइल जमा करने और उन्हें सुरक्षित रखने की व्यवस्था करेंगे।
सड़कें दुरुस्त करने के लिए 31 मार्च की डेडलाइन
बैठक में यात्रा की तैयारियों को लेकर कई अन्य महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए गए। सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए एनएच (NH), लोनिवि और बीआरओ को 31 मार्च तक का समय दिया गया है। इसके अलावा, बीएसएनएल को यात्रा मार्गों पर नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहतर करने के निर्देश मिले हैं। गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि चारधाम यात्रा प्रबंधन के लिए फरवरी माह तक सभी जिलों को बजट जारी कर दिया जाएगा और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ‘फास्ट ट्रैक मोड’ में काम शुरू किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाएं और पंजीकरण व्यवस्था
यात्रियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए इस बार डॉक्टरों की 15-15 दिन की रोटेशन ड्यूटी लगाई जाएगी और विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ एयर एंबुलेंस की भी व्यवस्था रहेगी। वहीं, पंजीकरण प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है; यह पूर्व की भांति 60 प्रतिशत ऑफलाइन और 40 प्रतिशत ऑनलाइन रहेगी। जाम की समस्या से निपटने के लिए छोटी बसों की शटल सेवा चलाई जाएगी। गौरतलब है कि पिछले सीजन में 50 लाख से अधिक और वर्ष 2023 में रिकॉर्ड 56 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी, जिसे देखते हुए प्रशासन इस बार और अधिक सतर्क है।