चंद्रमा पर चंद्रयान-3 के एक हफ्ते पूरे, अब तक दे चुका है इतनी अहम जानकारी; आगे भी बड़ी उम्मीदें

भारत द्वारा भेजा गया चंद्रयान-3 चांद पर एक हफ्ते बिता चुका है। इसे 23 अगस्त को लांच किया गया था। इस हफ्ते भर के दौरान चंद्रयान ने चंद्रमा की सतह से कई अहम जानकारियां भेजी हैं। इसमें सबसे प्रमुख है चंद्रमा की सतह पर तापमान के बारे में भेजी गई सूचना।

बता दें कि चंद्रमा पर चंद्रयान की सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग कराने वाला भारत महज चौथा देश है। इससे भी अहम बात यह है कि यह सॉफ्ट लैंडिंग चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कराई गई है। ऐसा करने वाला भारत पहला देश है।

टेम्प्रेचर प्रोफाइल तैयार की
चंद्रयान-3 की सबसे अहम कामयाबी के बारे में बात करें तो चांद की सतह के तापमान के बारे में हासिल की गई जानकारी सबसे अहम है। यह तापमान सीएचएएसटीई नाम के इंस्ट्रूमेंट के जरिए नापा गया था। इस इंस्ट्रूमेंट में 10 सेंसर्स लगे हुए हैं और यह चांद की सतह के 10 सेंटीमीटर अंदर तक खुदाई करने में सक्षम है। इसके जरिए जुटाए गए आंकड़ों की बदौलत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की पहली टेम्प्रेचर प्रोफाइल तैयार करने में सफलता हासिल हुई है।

मूवमेंट है स्मूद
इसके अलावा रोवर प्रज्ञान का चंद्रमा पर अभी तक का मूवमेंट बहुत ही स्मूद रहा है। यहां तक कि इसने राह में आने वाली बाधाओं को भी भांप लिया और समय रहते रास्ता भी बदल लिया। 27 अगस्त को प्रज्ञान ने यह कारनामा अंजाम दिया। प्रज्ञान यहां पर अच्छी तरह से काम कर रहा है और सोलर एनर्जी से चल रहा है। उम्मीद है कि छह पहियों वाला यह रोवर चंद्रमा पर उस वक्त तक काम करेगा, जब तक दक्षिणी ध्रुव पर सूर्य की किरणें पहुंच रही हैं।

यह जानकारियां भी जुटाई जा रहीं
इसके अलावा चांद की सतह पर आने वाले तूफानों, मिनरल कंपोजीशंस, बर्फ की मौजूदगी आदि के बारे में भी चंद्रयान-3 अध्ययन कर रहा है। वहीं लैंडर, चंद्रमा पर रेडियो एनाटॉमी ऑफ मून बाउंड हाइपरसेंसिटिव आयनोस्फीयर एंड एटमॉस्फियर (रंभा) प्रयोग कर रहा है। इसके तहत वहां इलेक्ट्रॉनों और आयनों और उनके अस्थायी परिवर्तनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल मिशन जारी है और दुनिया चंद्रयान-3 से मिली अन्य जानकारियों के बारे में जानने के लिए इसरो की अपडेट का इंतजार कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *