बस्ती (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) की एंटी-करप्शन विंग ने बड़ी कार्रवाई की है। परशुरामपुर स्थित बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक (Baroda UP Gramin Bank) की मखौड़ा शाखा में छापा मारकर सीबीआई ने ब्रांच मैनेजर नवीन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला? (15 हजार की रिश्वत)
- शिकायतकर्ता: स्थानीय दुकानदार सचिन मौर्या।
- योजना: सचिन ने ‘मुख्यमंत्री उद्यमी योजना’ के तहत लोन लिया था।
- वजह: लोन की पहली किस्त मिल चुकी थी, लेकिन दूसरी किस्त जारी करने के लिए बैंक मैनेजर और एक कर्मचारी ने 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
- कार्रवाई: परेशान होकर पीड़ित ने लखनऊ सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद यह एक्शन लिया गया।
गेट बंद कर घंटों चली पूछताछ, पुलिस को भनक तक नहीं
सीबीआई की कार्रवाई इतनी गुप्त थी कि स्थानीय परशुरामपुर थाने की पुलिस को इसकी कानों-कान खबर नहीं हुई।
- रेड: लखनऊ से आई टीम ने बैंक पहुंचते ही मुख्य गेट को अंदर से बंद कर लिया।
- जांच: मैनेजर के केबिन को कब्जे में लेकर घंटों पूछताछ की गई। मैनेजर की निजी संपत्ति, मोबाइल रिकॉर्ड और पिछले एक साल में बांटे गए सभी लोन की फाइलें खंगाली गईं।
- गिरफ्तारी: सबूत मिलने के बाद टीम मैनेजर नवीन सिंह को गिरफ्तार कर अपने साथ लखनऊ ले गई।
सरकारी योजनाओं में ‘कमीशनखोरी’
इस कार्रवाई ने सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। आरोप है कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली योजनाओं में भी बैंक अधिकारी बिना ‘सुविधा शुल्क’ (कमीशन) के लोन पास नहीं कर रहे हैं। सीबीआई अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस रिश्वतखोरी में कोई बड़ा सिंडिकेट शामिल है।