पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सार्वजनिक मंच पर हिजाब हटाए जाने की घटना के बाद चर्चा में आईं डॉ. नुसरत परवीन ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए नौकरी ज्वाइन कर ली है। घटना के 24 दिन बाद, बुधवार (7 जनवरी 2026) को उन्होंने पटना सदर अस्पताल में अपनी आमद दर्ज कराई।
मामले की 4 बड़ी बातें:
- आज थी लास्ट डेट: नुसरत परवीन के ज्वाइन करने की तारीख दो बार बढ़ाई जा चुकी थी। आज (7 जनवरी) उन्हें ज्वाइन करने का आखिरी मौका दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने ड्यूटी संभाल ली है।
- गायब हो गई थीं नुसरत: 15 दिसंबर 2025 को हुए विवाद के बाद से नुसरत न तो कॉलेज जा रही थीं और न ही मीडिया के सामने आईं। खबरें थीं कि वे तनाव के कारण अपने परिवार के साथ कोलकाता चली गई थीं। तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल ने भी उनसे ज्वाइन करने की अपील की थी।
- क्या था विवाद: 15 दिसंबर को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने कथित तौर पर उनके चेहरे से हिजाब/मास्क खींच दिया था। इसका वीडियो वायरल होने पर भारी सियासी बवाल मचा था।
- पक्ष-विपक्ष: जहां जेडीयू (JDU) ने सीएम के बचाव में इसे ‘पितातुल्य व्यवहार’ बताया था, वहीं विपक्ष और महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने इसकी कड़ी आलोचना की थी। बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था- “वह नौकरी करे, न करे, जहन्नुम में जाए।”
क्या है प्रक्रिया?
नियुक्ति पत्र मिलने के बाद आयुष चिकित्सकों को सिविल सर्जन ऑफिस में रिपोर्ट करना होता है। वहां डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन के बाद सिविल सर्जन लेटर जारी करते हैं कि डॉक्टर को किस कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) में सेवा देनी है।