BMC के मेयर पद के लिए आरक्षण की स्थिति साफ हो गई है। लॉटरी सिस्टम के जरिए आए फैसले के मुताबिक, मुंबई का अगला मेयर अब महिला कोटे से चुना जाएगा। हालांकि, सत्ताधारी बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) ने अभी उम्मीदवार के नाम पर सस्पेंस बना रखा है। मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने साफ कर दिया है कि नाम का ऐलान सही वक्त पर ही किया जाएगा।
‘एक्साइटमेंट खत्म हो जाएगा’
आरक्षण तय होने के बाद मुंबई बीजेपी चीफ अमित साटम ने मीडिया से बात करते हुए एक दिलचस्प बयान दिया। जब उनसे उम्मीदवार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “अगर सारे पत्ते अभी ही खोल दिए जाएंगे तो कोई एक्साइटमेंट ही नहीं बचेगा.” उन्होंने जानकारी दी कि अगले दो-तीन दिनों में बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं की एक अहम बैठक होगी, जिसमें मेयर पद के लिए नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। साटम ने कहा, “ये गर्व की बात है कि एक महिला बीएमसी की मेयर होगी. महिला के नेतृत्व में मुंबई को एक दिशा मिलेगी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन मिलेगा.”
उद्धव गुट ने लॉटरी सिस्टम पर उठाए सवाल
मेयर पद के महिला कोटे में जाने पर सियासत भी गरमा गई है। उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (यूबीटी) ने आरक्षण प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका विरोध इस बात को लेकर है कि जब ओबीसी (OBC) आरक्षण के लिए ड्रॉ निकाला गया, तो मुंबई को उससे बाहर क्यों रखा गया? उद्धव गुट ने लॉटरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है।
बीएमसी का ‘नंबर गेम’: किसके पास कितनी ताकत?
15 जनवरी 2026 को हुए चुनाव और 16 जनवरी को आए नतीजों ने तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी है:
- बीजेपी गठबंधन (बहुमत): बीजेपी ने 89 सीटें और एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 29 सीटें जीती हैं। गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत है।
- उद्धव गुट (यूबीटी): 65 सीटें।
- कांग्रेस: 24 सीटें।
- एमएनएस (MNS): 6 सीटें।
- अन्य: एआईएमआईएम (8), अजित पवार गुट (3), सपा (2) और शरद पवार गुट (1)।
स्पष्ट बहुमत होने के कारण बीजेपी-शिंदे गठबंधन का मेयर बनना तय है, बस अब इंतजार उस ‘चेहरे’ का है जिसे मुंबई की कमान सौंपी जाएगी।