प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का मामला अब बड़ा सियासी रूप ले चुका है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (SP) ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव ने एक सुर में सरकार पर तीखा जुबानी हमला बोला है। दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर कुछ ही देर के अंतराल में पोस्ट कर सरकार की कार्यशैली और नीयत पर सवाल उठाए हैं। चाचा-भतीजे की इस जोड़ी ने सरकार को रावण के अहंकार का उदाहरण देते हुए नसीहत दी है।
‘यह रामराज्य नहीं, भयराज्य है’- शिवपाल यादव
जसवंतनगर से विधायक और वरिष्ठ सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने इस घटना को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना बीजेपी सरकार की असलियत को उजागर करती है। शिवपाल ने अपने पोस्ट में लिखा, “जो सत्ता हर मंच पर धर्म और सनातन का ठेका लेती है, वही सत्ता आज संतों की आवाज़ से डर रही है. पूछना अपराध बना दिया गया है, असहमति कुचली जा रही है. यह रामराज्य नहीं, भयराज्य है. संत, संविधान और सच-तीनों असुरक्षित और अपमानित हो रहे हैं.”
‘अहंकार तो दशमुखी का भी नहीं बचा था’
सपा प्रमुख और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने और भी तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने बीजेपी पर सत्ता और धन का लोभी होने का आरोप लगाया। अखिलेश ने अपने पोस्ट में लिखा, “घोर निंदनीय! मांगनेवाले पहले ख़ुद अपना प्रमाणपत्र दें. विभाजनकारी भाजपाई और उनके संगी-साथियों की सोच इस हद तक गिर जाएगी, ये किसी ने नहीं सोचा था. भाजपा सत्ता और धन के सिवा किसी की भी सगी नहीं है. अहंकार तो दशमुखी का भी नहीं बचा था, इन एक मुखी का क्या बचेगा.”
शंकराचार्य के शिविर में फिर हुआ हंगामा
सियासी बयानबाजी के बीच शंकराचार्य के शिविर के बाहर एक बार फिर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। खबरों के मुताबिक, शंकराचार्य की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वहां जमकर हंगामा और मारपीट हुई। विवाद की शुरुआत तब हुई जब कुछ यूट्यूबर और लड़के मोबाइल से प्रेस कॉन्फ्रेंस शूट कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लड़कों ने पत्रकारों के साथ अभद्रता कर दी, जिससे नाराज पत्रकारों ने यूट्यूबरों को कॉन्फ्रेंस से बाहर कर दिया। इसके बाद यूट्यूबर लड़कों ने अपने साथियों को बुला लिया, जिससे काफी देर तक हंगामा चलता रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।