दिल्ली शराब नीति (आबकारी) मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने जश्न और शक्ति प्रदर्शन की बड़ी तैयारी की थी, लेकिन ऐन मौके पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई ने इस पर ब्रेक लगा दिया है। रविवार (1 मार्च 2026) को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली AAP की रैली को पुलिस ने अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है।
केजरीवाल का सीधा सवाल: ‘क्या यह कोर्ट के फैसले की बौखलाहट है?’
रैली रद्द होने से नाराज दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
- आखिरी वक्त में फैसला: उन्होंने लिखा, “आम आदमी पार्टी की कल 1 मार्च को जंतर-मंतर पर रैली थी। यह कई दिन पहले से घोषित थी, लेकिन आखिरी वक्त में इन लोगों (केंद्र/BJP) ने पुलिस से दबाव डालकर रैली कैंसिल करवा दी।”
- संवैधानिक अधिकार का हवाला: केजरीवाल ने कड़े शब्दों में सवाल किया, “क्या ये कल आए कोर्ट के आदेश का परिणाम है? अपनी बात रखना और रैली करना सभी का संवैधानिक अधिकार है। इस तरह से तानाशाही करना बिल्कुल सही नहीं है। हमें रैली करने दी जाए।”
संजय सिंह का दावा- ‘पुलिस कमिश्नर मेरा फोन नहीं उठा रहे’
AAP के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम को बीजेपी की ‘घबराहट’ करार दिया।
- उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “दिल्ली में जंतर-मंतर लोकतांत्रिक आंदोलनों के लिए एक निर्धारित जगह है और वहां अनुमति देना दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी है।”
- कमिश्नर पर गंभीर आरोप: संजय सिंह ने दावा किया, “BJP की घबराहट देखिए, अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को सभा करने की इजाजत नहीं दी गई। मैंने खुद कई बार दिल्ली पुलिस कमिश्नर को फोन किया, लेकिन वे फोन ही नहीं उठा रहे हैं।”
इस अचानक हुए घटनाक्रम ने दिल्ली की सियासत में एक बार फिर AAP और दिल्ली पुलिस (जो केंद्र सरकार के अधीन आती है) के बीच सीधे टकराव की स्थिति पैदा कर दी है।