एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ान भरने वाला दुनिया का पहला हेलीकॉप्टर अब भारत में बनेगा

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा और एयरोनॉटिक्स के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक घोषणा की है। मंगलवार को दोनों नेताओं ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, जहां पीएम मोदी ने बताया कि साल 2026 भारत और यूरोप के रिश्तों के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो रहा है। इस दौरान सबसे बड़ी खबर यह आई कि भारत और फ्रांस मिलकर एक ऐसा अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर (H-125) बनाने जा रहे हैं, जो दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट तक उड़ान भरने में सक्षम होगा और इसका निर्माण भारत में किया जाएगा।

इस महत्वकांक्षी परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हमें गर्व है कि भारत और फ्रांस मिलकर माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ान भरने वाला विश्व का पहला हेलीकॉप्टर भारत में बनाएंगे। इसे हम पूरे विश्व को एक्सपोर्ट करेंगे।” उन्होंने फ्रांस को भारत के सबसे पुराने रणनीतिक साझेदारों में से एक बताया और कहा कि आज इस रिश्ते को ‘स्पेशल, ग्लोबल, स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप’ के रूप में स्थापित किया जा रहा है, जो वैश्विक स्थिरता और प्रगति के लिए है। पीएम ने जोर देकर कहा, “राष्ट्रपति मैक्रों के साथ मिलकर हमने इस स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी है।”

व्यापार और भविष्य की तकनीकों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने हाल ही में यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का जिक्र किया और कहा कि इससे भारत-फ्रांस संबंधों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि “इनोवेशन आईसोलेशन से नहीं, बल्कि कोलेबोरेशन से होता है।” भविष्य की रूपरेखा तैयार करते हुए उन्होंने घोषणा की कि दोनों देश मिलकर हेल्थ में एआई (AI), डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर और एयरोनॉटिक्स में स्किलिंग के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लॉन्च करेंगे, जिन्हें उन्होंने ‘भविष्य-निर्माण के प्लेटफार्म’ बताया।

वैश्विक चुनौतियों और आतंकवाद के मुद्दे पर भी पीएम मोदी ने दो टूक बात कही। उन्होंने कहा कि आज दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, ऐसे में भारत-फ्रांस की साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए एक बड़ी ताकत है। यूक्रेन, पश्चिमी एशिया और इंडो-पैसिफिक जैसे क्षेत्रों में चल रहे तनाव पर उन्होंने कहा, “हम हर क्षेत्र में शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे। आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप को जड़ से मिटाना हमारी साझी प्रतिबद्धता है।” इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि जल्द ही फ्रांस में स्वामी विवेकानंद कल्चरल सेंटर खोला जाएगा।

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