उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश और प्रदेशवासियों को बड़ा संदेश दिया। शनिवार, 15 अगस्त को अपने सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग पर तिरंगा फहराने के बाद मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों को नमन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आजादी का अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि अराजकता, गरीबी, अशिक्षा, पिछड़ेपन और असमानता से मुक्ति भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आजादी के 79 वर्ष पूरे करने के बाद 80वें स्वतंत्रता दिवस के पड़ाव पर पहुंचा है। उनके मुताबिक यह अवसर केवल जश्न मनाने का नहीं, बल्कि नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों को समझने और स्वतंत्रता के व्यापक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आगे बढ़ने का भी है।
140 करोड़ भारतीयों की जिम्मेदारी पर CM योगी का जोर
सीएम योगी ने कहा कि देश की स्वतंत्रता को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए किसी एक व्यक्ति, जाति या संप्रदाय की भूमिका पर्याप्त नहीं है। इसके लिए देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपने-अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी के साथ योगदान देना होगा।
उन्होंने स्वतंत्रता को केवल विदेशी शासन से मुक्ति तक सीमित न रखते हुए इसे देश के सामाजिक और आर्थिक विकास से भी जोड़ा। मुख्यमंत्री के अनुसार जब तक गरीबी, अशिक्षा, असमानता और पिछड़ेपन जैसी समस्याओं से पूरी तरह मुक्ति नहीं मिलती, तब तक आजादी के व्यापक उद्देश्य को पूरा नहीं माना जा सकता।
1947 की आजादी के पीछे लाखों लोगों का बलिदान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता संग्राम के लंबे संघर्ष और बलिदानों को याद किया। उन्होंने कहा कि 1947 में विदेशी दासता से मुक्ति हासिल करने के पीछे वर्षों का संघर्ष, त्याग और तपस्या थी।
उन्होंने कहा कि भारतीयों ने लंबे समय तक विदेशी शासन सहा, लेकिन मानसिक रूप से कभी गुलामी को स्वीकार नहीं किया। देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग समय पर विदेशी शासन के खिलाफ आंदोलन होते रहे और 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम इस सामूहिक संघर्ष का महत्वपूर्ण पड़ाव बना।
सीएम योगी ने मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई और धनसिंह कोतवाल जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में देश के विभिन्न हिस्सों में आजादी की अलख जगी हुई थी। इन सभी संघर्षों का अंतिम लक्ष्य भारत को विदेशी शासन से मुक्त कराना था।
गरीबी और अशिक्षा के खिलाफ देश ने हासिल की प्रगति
मुख्यमंत्री ने आजादी के समय देश के सामने मौजूद चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 1947 में अराजकता, अशिक्षा, पिछड़ापन और असमानता जैसी समस्याएं बड़ी चुनौती थीं। पिछले करीब आठ दशकों में इन क्षेत्रों में देश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है।
उन्होंने दावा किया कि भारत में बहुआयामी गरीबी से करीब 25 करोड़ लोग बाहर आए हैं। इसके अलावा शिक्षा का विस्तार हुआ है और सरकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और तकनीक के क्षेत्र में नए संस्थान और सुविधाएं विकसित हुई हैं तथा लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए किए जा रहे बदलावों के परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं।
‘देश को कमजोर करने वाली ताकतों से रहना होगा सतर्क’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘चार जातियों’ वाले विजन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गरीब, युवा, महिला और किसान केंद्रित योजनाओं के माध्यम से समाज के बड़े वर्ग को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है।
उन्होंने कहा कि देश को अराजकता, असमानता और अशिक्षा से पूरी तरह मुक्त करने के साथ-साथ ऐसी ताकतों से भी सतर्क रहना होगा, जो देश को कमजोर करने का प्रयास करती हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में Direct Benefit Transfer (DBT) की भूमिका का भी उन्होंने उल्लेख किया।
सीएम योगी ने रोजगार, आधुनिक तकनीक, मेडिकल कॉलेज, एम्स, रेलवे, मेट्रो, रैपिड रेल और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारत विभिन्न क्षेत्रों में नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है।
शहीदों के साथ Inspector Sunil Kumar को किया याद
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के सभी सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित देश के महान नेताओं को याद किया।
उन्होंने स्वतंत्र भारत की सीमाओं की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के दौरान बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस के इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।
सीएम योगी के मुताबिक इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी बनाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार से सम्मानित उत्तर प्रदेश के अन्य अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भी बधाई दी।
आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर नागरिक से अपनी भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने स्वतंत्रता को मजबूत बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास और राष्ट्रहित की भावना को आवश्यक बताया।
सीएम योगी का संदेश साफ था कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ केवल विदेशी शासन से मुक्ति नहीं, बल्कि देश को गरीबी, अशिक्षा, असमानता, पिछड़ेपन और अराजकता जैसी चुनौतियों से मुक्त कराना भी है। इसके लिए सरकार के प्रयासों के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना गया।