उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति, भव्यता और भारतीय संस्कृति के रंगों से सराबोर नजर आया। विधानभवन के सामने आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तिरंगा फहराया। इसके बाद पूरा परिसर देशभक्ति के नारों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और देश के अलग-अलग हिस्सों की लोक परंपराओं से गूंज उठा।
समारोह में राम-सीता-लक्ष्मण की झांकी, कथक, लोकनृत्य और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के साथ देश के कई राज्यों के कलाकारों ने एक मंच पर अपनी संस्कृति पेश कर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की खूबसूरत तस्वीर दिखाई।
‘वंदे मातरम्’ से शुरू हुआ Independence Day समारोह
लखनऊ में आयोजित मुख्य समारोह की शुरुआत सुबह करीब 9:15 बजे राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति के साथ हुई। भारतखण्डे संगीत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्ति के माहौल में की।
इसके बाद 32वीं वाहिनी पीएसी, 35वीं वाहिनी पीएसी और मिलिट्री बैंड की अनुशासित प्रस्तुतियों ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तिरंगा फहराकर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
ध्वजारोहण के बाद आसमान में तिरंगे गुब्बारे छोड़े गए और पुष्प वर्षा हुई। इस दौरान पूरा परिसर भारत माता के जयकारों से गूंज उठा और समारोह में मौजूद लोगों का उत्साह देखते ही बना।
‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ में दिखी देश की Cultural Diversity
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में संस्कृति विभाग की ओर से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों के कलाकारों ने एक ही मंच पर अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई।
उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड, पूर्वांचल, अवध और पश्चिमी यूपी की लोक संस्कृति के साथ जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात और बिहार के कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।
‘गणपति बप्पा मोरया’ और ‘छठी मैया’ से जुड़े लोकगीतों के साथ विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों ने कार्यक्रम को खास बना दिया। इन प्रस्तुतियों में भारत की अलग-अलग भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के बीच मौजूद एकता की तस्वीर देखने को मिली।
Ram-Sita-Lakshman की झांकी बनी सबसे बड़ा आकर्षण
समारोह में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की झांकी ने दर्शकों का खास ध्यान खींचा। गौरी कला मंडपम ग्रुप की ओर से प्रस्तुत इस झांकी में वाराणसी की कुमकुम रस्तोगी ने माता सीता, ऋत्विक सिंह ने भगवान राम और आयुष साहू ने लक्ष्मण की भूमिका निभाई।
इस प्रस्तुति में करीब 16 कलाकार शामिल रहे। कलाकारों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने स्वतंत्रता दिवस जैसे बड़े मंच पर प्रस्तुति देना उनके लिए गर्व का अवसर था। टीम ने इस कार्यक्रम के लिए कई दिनों तक लगातार अभ्यास किया था।
झांकी के जरिए भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आदर्शों को मंच पर प्रस्तुत किया गया, जिसने समारोह में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग भर दिया।
Kathak और लोकनृत्य ने बांधा समां
भारतखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कथक और लोकनृत्य टीम ने भी दर्शकों को अपनी प्रस्तुतियों से प्रभावित किया। कार्यक्रम में 20 कलाकारों ने कथक और छह कलाकारों ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया।
कथक के दौरान पेश किए गए तराने ने समारोह में अलग रंग भर दिया। वहीं मथुरा-वृंदावन से आए रवि शंकर ने शंख वादन कर वातावरण को आध्यात्मिक भाव से भर दिया।
छत्तीसगढ़ से आए 19 कलाकारों के दल ने बस्तर की प्रसिद्ध लोक कला ‘रेला पाटा’ प्रस्तुत की। कलाकारों ने लखनऊ में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपनी पारंपरिक संस्कृति को प्रस्तुत करने को गर्व का क्षण बताया।
Arunachal से Maharashtra तक, एक मंच पर दिखी विविधता
समारोह में अरुणाचल प्रदेश और महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। अरुणाचल प्रदेश की कलाकार नीलम ने कहा कि इतने बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रस्तुति देना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा।
महाराष्ट्र से आई 22 सदस्यीय टीम ने करीब एक सप्ताह तक तैयारी करने के बाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कलाकारों ने अलग-अलग राज्यों के कलाकारों के साथ एक मंच साझा करने को भारत की Unity in Diversity का शानदार अनुभव बताया।
तिरंगे गुब्बारों और पुष्प वर्षा ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के दौरान आसमान से हुई पुष्प वर्षा और तिरंगे गुब्बारों ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को और भव्य बना दिया। बच्चों और लोगों के हाथों में तिरंगा और चेहरों पर दिखाई दे रही खुशी ने पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
समारोह में विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मेयर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
लखनऊ का यह स्वतंत्रता दिवस समारोह सिर्फ ध्वजारोहण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रामायण की झांकी, कथक, लोकगीत, लोकनृत्य और देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत के जरिए भारत की विविधता और एकता की शानदार तस्वीर पेश करता नजर आया।