West Bengal Cabinet: 10 दिन के इंतजार के बाद विभागों का ऐलान, वित्त से स्वास्थ्य तक किस मंत्री को मिला कौन सा मंत्रालय?

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन कर दिया है। पहले कैबिनेट विस्तार के करीब 10 दिन बाद सरकार ने 35 नए मंत्रियों को उनके-उनके मंत्रालय सौंपने की आधिकारिक घोषणा की। इसके साथ ही विभागों के बंटवारे को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लग गया है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने पास रखे कई अहम मंत्रालय

राज्य सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कई महत्वपूर्ण विभाग अपने पास ही रखे हैं। इनमें गृह, पर्वतीय मामले, सूचना एवं संस्कृति, बिजली, भूमि एवं भूमि राजस्व, कार्मिक तथा प्रशासनिक सुधार जैसे प्रमुख मंत्रालय शामिल हैं। राजनीतिक जानकार इसे सरकार के शुरुआती कार्यकाल में प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत रखने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।

स्वप्न दासगुप्ता को वित्त, तापस राय को उद्योग एवं वाणिज्य

भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वप्न दासगुप्ता को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए वरिष्ठ विधायक तापस राय को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग का प्रभार दिया गया है। दोनों विभाग राज्य की आर्थिक नीतियों और निवेश योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

स्वास्थ्य और परिवहन जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी तय

वरिष्ठ चिकित्सक और पहली बार विधायक बने डॉ. शारद्वत मुखर्जी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सौंपा गया है। वहीं नोआपाड़ा से विधायक अर्जुन सिंह को परिवहन और श्रम विभाग की जिम्मेदारी मिली है। राज्य सरकार के लिए ये दोनों विभाग जनसेवा और रोजगार से सीधे जुड़े हुए हैं।

शिक्षा विभाग को दो हिस्सों में बांटा गया

सरकार ने शिक्षा विभाग को फिर से दो अलग-अलग भागों में विभाजित किया है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग की जिम्मेदारी जगन्नाथ चटर्जी को दी गई है। दूसरी ओर स्कूल शिक्षा विभाग दीपक बर्मन को सौंपा गया है। दीपक बर्मन को आवास और एमएसएमई विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

कृषि, पर्यटन और पर्यावरण विभागों में नई नियुक्तियां

दूध कुमार मंडल को कृषि विभाग की जिम्मेदारी मिली है। शंकर घोष को संसदीय कार्य और पर्यटन विभाग का दायित्व सौंपा गया है, जबकि मनोज उरांव को वन एवं पर्यावरण विभाग का प्रभार दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन विभागों में नई नियुक्तियां विकास योजनाओं को गति देंगी।

पीएचई, पीडब्ल्यूडी और जल संसाधन विभागों का भी हुआ आवंटन

डॉ. अजय कुमार पोद्दार को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं गौरीशंकर घोष को पिछड़ा कल्याण, जन शिक्षा विस्तार और पुस्तकालय सेवा विभाग सौंपा गया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की कमान अरुप कुमार दास को दी गई है।

महिला एवं बाल विकास विभाग में बड़ा बदलाव

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. इंद्रनील खान को खेल एवं युवा मामलों का विभाग सौंपा गया है। दूसरी ओर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग का प्रभार अग्निमित्रा पाल से वापस लेकर मालती रावा राय को दिया गया है। इसके अलावा मालती रावा राय को स्वयं सहायता समूह, स्वरोजगार और कार्यक्रम निगरानी विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

चुनाव जीतने के बाद अब पूरी तरह तैयार हुई सरकार

चार मई को हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार बनाई थी। नौ मई को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सहित पांच मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की थी। इसके बाद एक जून को हुए पहले कैबिनेट विस्तार में 35 नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। अब विभागों के आवंटन के साथ नई सरकार की प्रशासनिक संरचना पूरी तरह स्पष्ट हो गई है।

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