IAS Anjaneya Kumar Singh Extension: आंजनेय कुमार सिंह का एक्सटेंशन खत्म, UP में रहेंगे या लौटेंगे सिक्किम? दिल्ली के फैसले पर सबकी नजर

उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह को लेकर है। उनके मौजूदा सेवा विस्तार की अवधि 14 अगस्त 2026 को समाप्त हो रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आंजनेय कुमार सिंह को एक बार फिर उत्तर प्रदेश में जिम्मेदारी दी जाएगी या उन्हें अपने मूल कैडर सिक्किम वापस लौटना होगा।

आंजनेय कुमार सिंह यूपी के चर्चित प्रशासनिक अधिकारियों में शामिल रहे हैं। खास तौर पर रामपुर जेल में सजा काट रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री आजम खान के खिलाफ हुई प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान वह सुर्खियों में आए थे।

7वीं बार मिला था एक साल का एक्सटेंशन

आंजनेय कुमार सिंह को केंद्र सरकार ने पिछले साल 25 अगस्त 2025 को एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया था। यह उनका सातवां एक्सटेंशन था, जिसकी अवधि अब 14 अगस्त 2026 को पूरी हो रही है।

इस सातवें सेवा विस्तार के बाद से ही यह चर्चा बनी हुई थी कि केंद्र सरकार उन्हें आगे भी उत्तर प्रदेश में बनाए रखेगी या नहीं। अब मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के साथ यह सवाल फिर से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

2005 बैच के सिक्किम कैडर के IAS हैं आंजनेय कुमार सिंह

आंजनेय कुमार सिंह 2005 बैच के सिक्किम कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वह फरवरी 2015 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान पहली बार प्रतिनियुक्ति पर उत्तर प्रदेश आए थे। इसके बाद से उन्होंने राज्य में लगातार महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं।

मौजूदा नियमों के मुताबिक, यदि 14 अगस्त तक उनके सेवा विस्तार को लेकर केंद्र सरकार की ओर से कोई नया आदेश नहीं आता है तो उन्हें अपना वर्तमान प्रभार छोड़ना होगा। ऐसी स्थिति में वह मुरादाबाद के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया को प्रभार सौंपकर छुट्टी पर जा सकते हैं। केंद्र सरकार की मंजूरी के बिना वह नियमों के तहत अपने पद पर बने नहीं रह सकते।

8वीं बार Extension देना क्यों होगा असाधारण फैसला?

प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि उत्तर प्रदेश सरकार आंजनेय कुमार सिंह को राज्य में ही बनाए रखने के पक्ष में है। हालांकि, उनके कार्यकाल को आठवीं बार बढ़ाने के रास्ते में प्रशासनिक और कानूनी चुनौतियां भी मौजूद हैं।

बताया जा रहा है कि किसी आईएएस अधिकारी को इंटर-कैडर डेपुटेशन पर लगातार सात बार सेवा विस्तार मिलना ही प्रशासनिक इतिहास में बेहद दुर्लभ है। ऐसे में आठवीं बार एक्सटेंशन देना केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के नियमों के तहत असाधारण निर्णय माना जाएगा।

आंजनेय कुमार सिंह के करीब 21 वर्ष के करियर में लगभग 11 वर्ष उत्तर प्रदेश में बीते हैं। इसके मुकाबले उन्होंने अपने मूल कैडर सिक्किम में करीब 8 वर्ष सेवा की है। यही वजह है कि उनके आगे के कैडर और सेवा विस्तार को लेकर ब्यूरोक्रेसी में चर्चा और तेज हो गई है।

क्या दिल्ली से आएगा आखिरी वक्त में कोई आदेश?

अब सबसे ज्यादा निगाहें केंद्र सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं। अगर अगले 48 से 72 घंटों में आंजनेय कुमार सिंह के आठवें सेवा विस्तार को लेकर दिल्ली से मंजूरी नहीं मिलती है, तो मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार उन्हें उत्तर प्रदेश से रिलीव होकर अपने मूल कैडर सिक्किम लौटना पड़ सकता है।

हालांकि, पिछले साल भी उनके सेवा विस्तार को लेकर अंतिम समय तक चर्चाएं थीं और इसके बाद केंद्र की ओर से उन्हें एक और साल का विस्तार दिया गया था। ऐसे में इस बार भी प्रशासनिक गलियारों में किसी आखिरी समय के आदेश की संभावना को लेकर चर्चा बनी हुई है।

अगर केंद्र सरकार आठवीं बार सेवा विस्तार को मंजूरी देती है तो आंजनेय कुमार सिंह एक बार फिर मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर के रूप में अपनी जिम्मेदारी जारी रख सकते हैं। फिलहाल उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी की नजरें 14 अगस्त को होने वाले संभावित प्रभार हस्तांतरण और केंद्र सरकार की ओर से आने वाले आदेश पर टिकी हैं।

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