TMC-Congress Merger पर बड़ा अपडेट! ममता बनर्जी ने दिखाई सहमति, राहुल गांधी के सामने रखी गईं अहम शर्तें

तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सकारात्मक रुख दिखा रही हैं। हालांकि, अंतिम फैसला लेने से पहले उनकी तरफ से कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी सामने रखी गई हैं।

बताया जा रहा है कि इन शर्तों को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में रखा। सूत्रों के अनुसार, टीएमसी की ओर से मांग की गई है कि ममता बनर्जी को राज्यसभा भेजा जाए और उन्हें राज्यसभा में नेता विपक्ष की जिम्मेदारी भी सौंपी जाए। फिलहाल इन मांगों पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सोनिया गांधी ने दिया था विलय का प्रस्ताव

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने स्वयं ममता बनर्जी से संपर्क कर टीएमसी के कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव रखा था। दावा किया जा रहा है कि इस प्रस्ताव के तहत ममता बनर्जी को कांग्रेस का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने की बात कही गई थी।

इसके साथ ही, अभिषेक बनर्जी को कांग्रेस संगठन में महासचिव का महत्वपूर्ण पद देने का भी प्रस्ताव रखा गया। माना जा रहा है कि इसी पेशकश के बाद दोनों दलों के बीच बातचीत आगे बढ़ी है।

BJP के हमलों का दिया गया हवाला

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने ममता बनर्जी को सुझाव दिया कि भाजपा की ओर से लगातार हो रहे राजनीतिक हमलों को देखते हुए कांग्रेस के साथ विलय उनके लिए एक रणनीतिक कदम साबित हो सकता है। बातचीत के दौरान यह भी कहा गया कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो भविष्य में टीएमसी को भी उन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिनका सामना अन्य विपक्षी दलों ने किया है।

इसके अलावा, पार्टी के अंदर मौजूद कुछ असंतोष और अभिषेक बनर्जी को लेकर उठ रहे सवालों का भी जिक्र किया गया। सूत्रों का कहना है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए कांग्रेस ने विलय का विकल्प सामने रखा।

फैसले के लिए ममता ने मांगा समय

जानकारी के अनुसार, ममता बनर्जी ने इस पूरे प्रस्ताव पर तत्काल निर्णय लेने के बजाय कुछ दिनों का समय मांगा है। माना जा रहा है कि टीएमसी नेतृत्व आंतरिक स्तर पर चर्चा करने के बाद ही कोई अंतिम फैसला लेगा। फिलहाल दोनों दलों की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस संभावित गठजोड़ को लेकर अटकलें लगातार जारी हैं।

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