मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के सैन्य टकराव के बीच हालात और गंभीर हो गए हैं। युद्ध अब तीसरे सप्ताह में पहुंच चुका है और क्षेत्र में लगातार तनाव बढ़ रहा है। इसी बीच शनिवार, 14 मार्च 2026 को इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर के अंदर एक हेलिपैड पर मिसाइल हमला होने की खबर सामने आई है।
हमले के बाद दूतावास परिसर के ऊपर काले धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
UAE के फुजैराह पोर्ट के पास ऑयल फैसिलिटी में लगी आग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस समय बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हमले की खबरें सामने आ रही थीं, उसी दौरान संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह पोर्ट के पास एक ऑयल फैसिलिटी में भी आग लगने की घटना हुई। अधिकारियों ने बताया कि यह आग उस समय लगी जब ईरान के एक ड्रोन को इंटरसेप्ट किया गया और उसका मलबा ऑयल फैसिलिटी के पास गिर गया।
इन दोनों घटनाओं ने मध्य पूर्व में पहले से जारी सैन्य तनाव को और बढ़ा दिया है। क्षेत्र में लगातार बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण वैश्विक स्तर पर भी चिंता बढ़ रही है।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान की प्रतिक्रिया
रिपोर्ट के मुताबिक, इससे एक दिन पहले यानी शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप पर स्थित उन सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है, जो ईरान के तेल निर्यात के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमले जारी रखता है तो अमेरिका अगला निशाना ईरान के ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को बना सकता है। वहीं, ईरान की संसद के स्पीकर ने इस बयान के जवाब में कहा कि अगर ऐसे हमले हुए तो उसका और ज्यादा सख्त जवाब दिया जाएगा।
मिडिल ईस्ट में बढ़ रही सैन्य गतिविधियां
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि करीब 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिकों के साथ एक एमफीबियस असॉल्ट जहाज को मिडिल ईस्ट भेजा जा रहा है।
दूसरी ओर ईरान भी अपनी सैन्य गतिविधियों को तेज कर रहा है और इजरायल तथा खाड़ी के कई अरब देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं। इसके साथ ही रणनीतिक रूप से बेहद अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास भी तनाव बढ़ गया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।