क्या RBI ने बेच दिया भारत का सोना? दावों पर मचा बवाल, अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा कथित रूप से सोना बेचने की खबरों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इन दावों के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। हालांकि, RBI और भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने ऐसी सभी खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि देश के स्वर्ण भंडार में कोई कमी नहीं आई है।

सोना बेचने की खबरों पर अखिलेश यादव का हमला

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, “बीजेपी ने देश का स्वर्ण-मान बेच दिया है. अब देश की जनता को समझ में आया कि बीजेपी सरकार सोना खरीदने से मना क्यों कर रही थी क्योंकि अगर सोना जनता के पास चला जाता तो ये बेचते कैसे. 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के जुमले की सुनहरी परत अब उतर गयी है.”

उन्होंने आगे कहा, “बीजेपी के दावों का Golden Curtain बेपर्दा हो गया है. जनता इस समाचार के बाद डरकर बैंक जाकर अपने लॉकर खोलकर देख रही है कि सब सही-सलामत है भी कि नहीं? जनता को समझ में आ गया है कि भाजपाई भ्रष्टाचार ने देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह खोखला कर दिया है और विदेशी सत्ताओं के आगे बीजेपी और उनके भ्रमणशील संगी-साथी अब साष्टांग नतमस्तक क्यों हैं.”

RBI ने दावों को बताया पूरी तरह गलत

विवाद बढ़ने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि उसके भौतिक स्वर्ण भंडार में कोई कमी नहीं आई है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि देश का कुल स्वर्ण भंडार 880.52 टन पर स्थिर बना हुआ है।

RBI ने कहा, “RBI जोर देकर कहता है कि ये खबरें सही नहीं हैं.”

केंद्रीय बैंक ने आम लोगों से अपील की कि वे इस प्रकार की खबरों पर भरोसा करने के बजाय केवल RBI द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी को ही मानें।

किस रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ विवाद?

हाल के दिनों में कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव को देखते हुए RBI ने लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेच दिया है। इन खबरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई थीं।

हालांकि RBI ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है और स्वर्ण भंडार पूरी तरह सुरक्षित है।

PIB ने भी जारी किया फैक्ट चेक

भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने भी इन रिपोर्ट्स का फैक्ट-चेक जारी करते हुए दावों को भ्रामक बताया। जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है।

सितंबर 2025 के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 13.92 प्रतिशत थी, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत और 22 मई 2026 तक 16.85 प्रतिशत हो गई।

बढ़ा है भारत का कुल स्वर्ण भंडार

RBI की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक भारत का कुल स्वर्ण भंडार 880.52 टन था। यह 31 मार्च 2025 के 879.58 टन की तुलना में 0.94 टन अधिक है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 880.52 टन में से 312.32 टन सोना निर्गम विभाग की परिसंपत्ति के रूप में रखा गया है, जबकि 568.20 टन सोना बैंकिंग विभाग की परिसंपत्ति के रूप में दर्ज है।

सोने के मूल्य में 63 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी

RBI की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बैंकिंग विभाग की परिसंपत्ति के रूप में रखे गए सोने का मूल्य 31 मार्च 2025 के 4.31 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 31 मार्च 2026 तक 7.06 लाख करोड़ रुपये हो गया।

यह लगभग 63.6 प्रतिशत की वृद्धि है। रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़ोतरी की प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी रही है।

राजनीतिक आरोपों के बीच तथ्य क्या कहते हैं?

जहां एक ओर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं RBI और PIB के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि न केवल भारत का स्वर्ण भंडार सुरक्षित है, बल्कि उसमें पिछले एक वर्ष के दौरान मामूली वृद्धि भी दर्ज की गई है। ऐसे में सोना बेचने की खबरों को लेकर जारी बहस के बीच आधिकारिक आंकड़े और सरकारी स्पष्टीकरण चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।

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