उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए चलाई गई निशुल्क बस सेवा ने यात्री संख्या का नया इतिहास रच दिया। तीन दिनों के भीतर परिवहन निगम की बसों से 75 लाख से अधिक लोगों ने सफर किया, जिनमें लगभग 70% महिला यात्री रहीं। यह रिकॉर्ड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से दी गई 66 घंटे की “सम्मान के तोहफे” वाली योजना के तहत बना।
दो दिन में 50 लाख यात्री, तीसरे दिन भी रही भीड़
यूपी परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि सामान्य दिनों में निगम की बसों से प्रतिदिन 14-15 लाख यात्री सफर करते हैं, लेकिन रक्षाबंधन पर्व के शुरुआती दो दिनों में ही यह संख्या 50 लाख से अधिक पहुंच गई। पहले दिन 8 अगस्त को 19.5 लाख से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया, जो सामान्य दिनों की तुलना में 25% अधिक था। रक्षाबंधन के दिन 9 अगस्त को यह आंकड़ा 31.7 लाख के पार चला गया, जो सामान्य दिनों से 210% ज्यादा रहा। 10 अगस्त की दोपहर तक ही 13 लाख यात्री बसों में सफर कर चुके थे और रात तक यह आंकड़ा 25 लाख तक पहुंचने का अनुमान था।
अतिरिक्त बसें और विशेष ड्यूटी से यात्रियों को मिली सुविधा
योजना के तहत 8 अगस्त सुबह 6 बजे से 10 अगस्त रात 12 बजे तक सभी श्रेणी की रोडवेज बसों में महिलाओं और उनके एक सहयात्री के लिए निशुल्क यात्रा सुविधा दी गई। बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसें चलाई गईं और अनुबंधित बसों को भी संचालन में लगाया गया। लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, सहारनपुर और इटावा जैसे प्रमुख बस अड्डों पर विशेष ड्यूटी और अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई।
ड्राइवर-कंडक्टर और कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि
बेहतर संचालन के लिए चालक-परिचालकों को 1800 किलोमीटर संचालन पूर्ण करने पर ₹1200 और लगातार छह दिन कार्य करने पर अतिरिक्त ₹0.55 प्रति किलोमीटर प्रोत्साहन राशि दी गई। तकनीकी कर्मचारियों को प्रतिदिन ₹500 और संचालन व्यवस्था बनाए रखने वाले कार्मिकों व पर्यवेक्षकों को ₹5000 प्रति स्टेशन के हिसाब से सम्मानित किया गया।
महिलाओं का सीएम योगी को धन्यवाद
इस योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं ने कहा कि यह सुविधा केवल यात्री सेवा नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण और सम्मान का प्रतीक है। इससे न सिर्फ रक्षाबंधन की खुशियां बढ़ीं, बल्कि सुरक्षित और सुलभ यात्रा का भरोसा भी मिला।
8 वर्षों में 1.23 करोड़ महिलाओं को मिला लाभ
2017 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 1,23,30,194 महिलाएं निशुल्क यात्रा का लाभ ले चुकी हैं, जिस पर सरकार ने ₹101.42 करोड़ का व्यय किया। वर्ष 2023 में सबसे अधिक 29 लाख से ज्यादा महिलाओं ने इसका लाभ उठाया।