उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) के तीन बागी विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने अभय सिंह, विनोद चतुर्वेदी और राकेश प्रताप सिंह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि तीनों ने 2024 के राज्यसभा चुनाव में अपने वोट पूंजीपति को बेच दिए थे। उनके मुताबिक, इसी के बाद तीनों विधायकों ने क्रॉस वोटिंग करते हुए बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद सपा ने तीनों को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर लगाए आरोप
रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि तीनों विधायक समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी के खिलाफ मतदान किया। उन्होंने कहा कि यदि तीनों में नैतिकता होती, तो वे विधायक पद से इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ते।
सपा विधायक ने तीनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें जनता के बीच जाकर अपने फैसले का जवाब देना चाहिए।
2027 के विधानसभा चुनाव में हार का दावा
रविदास मेहरोत्रा ने दावा किया कि तीनों विधायक समाजवादी पार्टी के समर्थकों के वोटों की वजह से चुनाव जीते थे। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हें हार से कोई पार्टी नहीं बचा पाएगी। उनके मुताबिक, 2027 के विधानसभा चुनाव में तीनों विधायकों के क्षेत्रों में सपा उम्मीदवारों को समर्थन मिलेगा और पार्टी के प्रत्याशी जीत दर्ज करेंगे।
अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने का किया दावा
रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के पक्ष में माहौल बन रहा है और 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे। सपा विधायक ने प्रदेश में पार्टी के बढ़ते समर्थन का हवाला देते हुए आगामी चुनाव में सपा की जीत का भरोसा जताया।
बीजेपी पर मंदिर के चढ़ावे को लेकर भी साधा निशाना
रविदास मेहरोत्रा ने बीजेपी पर मंदिरों के चढ़ावे और आभूषणों की चोरी के आरोप भी लगाए। उन्होंने भगवान राम के मुकुट, चरण पादुका और माला का जिक्र करते हुए बीजेपी को निशाने पर लिया। अपने बयान में उन्होंने कहा, ‘चंदा चोरों करते है. ये चंदा चोर पार्टी है.’