उत्तर प्रदेश को मेडिकल डिवाइस निर्माण का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस निर्माण इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
इस परियोजना के तहत TI Medicals Pvt Ltd को भूमि सब्सिडी देने का निर्णय भी लिया गया है, जिससे प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
₹215 करोड़ के निवेश से बनेगी यूनिट
कंपनी गौतमबुद्ध नगर में Yamuna Expressway Industrial Development Authority (YEIDA) के मेडिकल डिवाइस पार्क में लगभग 4.48 हेक्टेयर भूमि पर करीब 215.20 करोड़ रुपये का निवेश कर चिकित्सा उपकरण निर्माण इकाई स्थापित करेगी।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश की एफडीआई, एफसीआई और फॉर्च्यून इंडिया-500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत प्रस्तावित की गई है।
कंपनी को मिलेगी ₹14.77 करोड़ की सब्सिडी
कैबिनेट के फैसले के अनुसार कंपनी को अनुमन्य सब्सिडी के तहत 14.77 करोड़ रुपये की राशि प्रतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। यह राशि केंद्र सरकार की मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के अंतर्गत पहले से मिली सब्सिडी को समायोजित करने के बाद प्रदान की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस निवेश से राज्य में मेडिकल डिवाइस उद्योग को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
पहले भी मिल चुकी है परियोजना को मंजूरी
इस परियोजना को लेकर पहले भी कई स्तरों पर विचार किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश की एफडीआई, एफसीआई एवं फॉर्च्यून ग्लोबल 500/फॉर्च्यून इंडिया 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत अधिकृत समिति ने 5 जुलाई 2024 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
इसके बाद कंपनी को 22 जुलाई 2024 को पात्रता प्रमाणपत्र जारी किया गया था।
इम्पावर्ड कमेटी ने भी किया था विचार
15 मई 2025 को हुई इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में सब्सिडी से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की गई थी। चूंकि कंपनी को मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के तहत पहले से केंद्र सरकार की सब्सिडी मिल चुकी है, इसलिए कुल अनुमन्य सब्सिडी ₹41.52 करोड़ में से पहले प्राप्त राशि घटाकर शेष ₹14.77 करोड़ देने का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
अब इस प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण कंपनी को यह राशि प्रतिपूर्ति के रूप में देगा।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का कहना है कि इस परियोजना से प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, मेडिकल उपकरण निर्माण क्षेत्र मजबूत होगा और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश को निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।