कांशीराम जयंती पर बसपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, मायावती के निर्देश पर 9 राज्यों में जुटेगा समर्थकों का सैलाब

बहुजन समाज पार्टी अपने संस्थापक Kanshi Ram की 92वीं जयंती पर 15 मार्च को बड़े स्तर पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रही है। पार्टी प्रमुख Mayawati ने इसके लिए नेताओं और पदाधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में कांशीराम स्थल पर होने वाले कार्यक्रम में दो लाख से अधिक समर्थकों के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है।

9 राज्यों में होंगे कार्यक्रम

बसपा केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश के कई राज्यों में भी कार्यक्रम आयोजित करेगी। पार्टी हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, पंजाब और केरल में भी कांशीराम जयंती पर बड़े आयोजन करने की योजना बना रही है।
पार्टी ने जिन राज्यों को चुना है, उनमें से कई ऐसे हैं जहां अगले एक साल के भीतर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए इस आयोजन को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नेताओं को दी गई खास जिम्मेदारियां

बसपा के राष्ट्रीय संयोजक Akash Anand राजस्थान के Bharatpur में एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मायावती ने पार्टी के कई पदाधिकारियों को अलग-अलग राज्यों में जिम्मेदारी सौंपी है।

हरियाणा और पंजाब में भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी रणधीर सिंह बेनीवाल को दी गई है, जबकि रामजी गौतम को महाराष्ट्र, अतर सिंह को तेलंगाना और राजाराम को मध्य प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक समर्थकों को जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

विपक्षी दल भी सक्रिय

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कांशीराम जयंती के मौके पर अन्य दल भी सक्रिय हो गए हैं। Indian National Congress और Samajwadi Party भी इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं।

इसी वजह से बसपा भी पूरी सतर्कता बरत रही है ताकि इस आयोजन का राजनीतिक फायदा विपक्षी दल न उठा सकें।

यूपी की राजनीति में बढ़ी हलचल

कांशीराम जयंती को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बसपा, सपा और कांग्रेस सभी अपने-अपने स्तर पर कार्यक्रमों की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में 15 मार्च को होने वाले आयोजन को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

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