पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और रूस पर जुबानी हमला किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि भारत रूस के साथ क्या करता है। उन्होंने कहा, “वो अपनी पहले ही खत्म अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ और गिरा सकते हैं। हमने भारत के साथ बहुत कम व्यापार किया है, क्योंकि उनके टैरिफ बहुत ज्यादा हैं, बल्कि दुनिया में सबसे ज्यादा में से एक हैं।”
ट्रंप के इस बयान से साफ है कि भारत और रूस के बीच सहयोग को लेकर अमेरिका में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस और अमेरिका के बीच भी व्यापार नाममात्र का है और ऐसा ही रहना चाहिए।
रूस के पूर्व राष्ट्रपति पर भी निशाना, दी चेतावनी
ट्रंप ने अपने पोस्ट में रूसी नेताओं को भी नहीं बख्शा। उन्होंने लिखा, “और रूस के असफल राष्ट्रपति मेवदेव को जाकर बोल दो कि जरा संभलकर बात करे। वह बहुत ही खतरनाक इलाके में दाखिल हो रहे हैं।” यह टिप्पणी उस बयान के जवाब में मानी जा रही है जिसमें रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेवदेव ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि रूस के खिलाफ वॉशिंगटन की चालें युद्ध का कारण बन सकती हैं।
ब्रिक्स पर आपत्ति, भारत को बताया अमेरिका विरोधी समूह का हिस्सा
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि भारत ‘ब्रिक्स’ का सदस्य है, जो मूलतः अमेरिका विरोधी देशों का गठबंधन है। ट्रंप ने कहा, “यह अमेरिकी मुद्रा पर हमला है और हम किसी को भी ऐसा नहीं करने देंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ब्रिक्स के जरिए अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचा रहा है।
25 प्रतिशत टैरिफ और अतिरिक्त दंड की घोषणा
ट्रंप ने भारत से आने वाले सभी उत्पादों पर 1 अगस्त से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की। इसके साथ ही भारत द्वारा रूस से तेल और सैन्य उपकरणों की खरीद पर भी एक अनिर्दिष्ट दंड लगाने की बात कही है। उन्होंने कहा, “यह निर्णय आंशिक रूप से ‘ब्रिक्स’ की वजह से लिया गया है और इसमें कुछ हद तक घाटे की भूमिकी है। हमें बहुत बड़ा घाटा हुआ है।”
मोदी को बताया मित्र, पर व्यापार पर जताई नाराजगी
भले ही ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि भारत अमेरिका के साथ व्यापार में ज्यादा सक्रिय नहीं रहा है। ट्रंप ने साफ किया कि उनकी नाराजगी भारत की आर्थिक नीतियों और टैरिफ को लेकर है।