तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) के प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक बार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में वापसी कर ली है। यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम है क्योंकि दिनाकरन पहले एआईएडीएमके (AIADMK) नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी के नेतृत्व का विरोध करते हुए गठबंधन से अलग हो गए थे, लेकिन अब दिल्ली से बनी सहमति के बाद वे वापस लौट आए हैं।
‘अम्मा के सच्चे समर्थक होंगे एकजुट’
एनडीए में अपनी ‘घर वापसी’ के बाद टीटीवी दिनाकरन ने मीडिया से बातचीत में एक दार्शनिक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “समझौता करने वाले कभी हारते नहीं हैं.” इस कदम को एक नई शुरुआत करार देते हुए दिनाकरन ने दावा किया कि तमिलनाडु में नई सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ अब ‘अम्मा’ (दिवंगत जे जयललिता) के सभी सच्चे समर्थक एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरेंगे।
विजय की पार्टी से नहीं बनी बात तो अमित शाह से मिले
गौरतलब है कि सितंबर 2024 में दिनाकरन ने ई पलानीस्वामी पर ‘अहंकार’ का आरोप लगाते हुए एनडीए से नाता तोड़ लिया था। गठबंधन से अलग होने के बाद उन्होंने अभिनेता विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के साथ भी गठबंधन की संभावनाएं तलाशी थीं, लेकिन दोनों के बीच सहमति नहीं बन सकी। सियासी अकेलेपन के बीच हाल ही में दिनाकरन ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इसी बैठक में उन्हें दोबारा एनडीए में शामिल होने का न्योता मिला, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
पीएम मोदी की रैली में दिखेंगे साथ, थेवर वोटों पर नजर
एनडीए में वापसी के बाद अब दिनाकरन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चेन्नई के पास होने वाली जनसभा में शामिल होने की पूरी संभावना है। इस मंच पर उनके साथ उनके धुर विरोधी रहे ई पलानीस्वामी भी मौजूद होंगे। बीजेपी की इस रणनीति के पीछे दक्षिण तमिलनाडु का गणित है। दिनाकरन और ओ पन्नीरसेल्वम (OPS), दोनों ही प्रभावशाली ‘थेवर समुदाय’ से आते हैं। बीजेपी को उम्मीद है कि दिनाकरन की वापसी से थेवर वोट बैंक एनडीए की झोली में आ सकता है, हालांकि ओ पन्नीरसेल्वम की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।