पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कभी ममता बनर्जी के करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी अब राज्य में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। अमित शाह द्वारा उनके नाम का ऐलान किए जाने के बाद अब हर तरफ उनकी राजनीतिक यात्रा और संपत्ति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर बंगाल की सत्ता संभालने जा रहे शुभेंदु अधिकारी कितनी संपत्ति के मालिक हैं।
कुल कितनी है शुभेंदु अधिकारी की नेटवर्थ?
2026 विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे के अनुसार शुभेंदु अधिकारी की कुल संपत्ति करीब 85 लाख 87 हजार रुपए है। इसमें उनकी चल और अचल दोनों तरह की संपत्तियां शामिल हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उनके पास नकद राशि के रूप में सिर्फ 12 हजार रुपए हैं। हलफनामे के मुताबिक उनके नाम पर कोई निजी कार नहीं है और न ही उन्होंने किसी तरह के सोने या ज्वैलरी का जिक्र किया है।
बैंक खाते, LIC और निवेश से जुड़ी जानकारी
शुभेंदु अधिकारी की चल संपत्ति करीब 24 लाख 57 हजार रुपए बताई गई है। उनके पास कुल 14 बैंक खाते हैं, जिनमें पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक और कई को-ऑपरेटिव बैंक शामिल हैं।
इन बैंक खातों में कुल जमा राशि लगभग 7 लाख 34 हजार रुपए है। इसके अलावा उन्होंने नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) में करीब 5 लाख 45 हजार रुपए और किसान विकास पत्र में लगभग 2 लाख 60 हजार रुपए का निवेश किया हुआ है।
हलफनामे के अनुसार उनके पास 6 LIC पॉलिसी भी हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 7 लाख 71 हजार रुपए है।
पूर्वी मेदिनीपुर में है ज्यादातर संपत्ति
शुभेंदु अधिकारी की अचल संपत्ति की कुल कीमत लगभग 61 लाख 30 हजार रुपए बताई गई है। उनकी अधिकतर संपत्तियां पूर्वी मेदिनीपुर जिले में स्थित हैं, जिसे अधिकारी परिवार का राजनीतिक गढ़ माना जाता है।
नंदीग्राम में उनके पास करीब 9 लाख रुपए की कृषि भूमि है। इसके अलावा पंचदरिया और धर्मदासबर क्षेत्रों में गैर-कृषि जमीन भी है, जिसकी कीमत लगभग 27.5 लाख रुपए आंकी गई है।
उनके पास तामलुक और कुमारपुर में फ्लैट्स भी हैं। साथ ही करकुली में एक पुश्तैनी मकान में उनका हिस्सा है। इन सभी रिहायशी संपत्तियों की कुल कीमत करीब 24 लाख 75 हजार रुपए बताई गई है।
विधायक की सैलरी और बिजनेस से होती है कमाई
हलफनामे के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में शुभेंदु अधिकारी की कुल आय 17 लाख 38 हजार रुपए से ज्यादा रही। उनकी कमाई का मुख्य स्रोत विधायक के रूप में मिलने वाली सैलरी, सांसद पेंशन और बिजनेस बताया गया है।
सबसे खास बात यह है कि उनके ऊपर किसी भी तरह का कर्ज या देनदारी नहीं है।
ममता बनर्जी को हराकर बने सबसे बड़े चेहरे
शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में तब सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी थीं, जब उन्होंने ममता बनर्जी को नंदीग्राम और भवानीपुर जैसी सीटों पर हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया था।
अब बीजेपी के मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर उनका नाम सामने आने के बाद बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।