सुहेलदेव पर AIMIM नेता की टिप्पणी से सियासी तूफान, राजभर का अल्टीमेटम- माफी नहीं मांगी तो पूरे यूपी में आंदोलन

UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में महाराजा सुहेलदेव को लेकर दिया गया एक बयान अब बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की टिप्पणी के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है और कैबिनेट मंत्री तथा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

AIMIM नेता शौकत अली द्वारा महाराजा सुहेलदेव पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर राजभर समाज में नाराजगी बढ़ गई है। ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि इस बयान से समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है और शौकत अली को तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

ओम प्रकाश राजभर का कड़ा रुख

इस मुद्दे पर ओम प्रकाश राजभर ने बेहद सख्त तेवर अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि शौकत अली ने जल्द माफी नहीं मांगी तो पूरे उत्तर प्रदेश में आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शौकत अली इतिहास की सही जानकारी के बिना बयानबाजी कर रहे हैं और उन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए।

राजभर ने कहा कि गाजी अफगानिस्तान से भारत को गुलाम बनाने और लूटने के उद्देश्य से सेना लेकर आया था। जब वह भारत की ओर बढ़ा, तब महाराजा सुहेलदेव ने विभिन्न राजाओं को एकजुट कर युद्ध किया और गाजी को पराजित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराजा सुहेलदेव प्रदेश के महान राष्ट्रनायक हैं और उनका अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सपा, कांग्रेस और बसपा से भी की अपील

ओम प्रकाश राजभर ने इस विवाद को लेकर अन्य राजनीतिक दलों को भी घेरा। उन्होंने अखिलेश यादव, राहुल गांधी और मायावती से अपील करते हुए कहा कि यदि वे महाराजा सुहेलदेव का सम्मान करते हैं तो उन्हें इस बयान की खुलकर निंदा करनी चाहिए। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ दल वोट बैंक की राजनीति के चलते लुटेरों का समर्थन कर रहे हैं।

क्या था पूरा विवाद?

दरअसल बहराइच में आयोजित एक बैठक के दौरान AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने महाराजा सुहेलदेव को लुटेरा बताते हुए मसूद गाजी को योद्धा कहा था। इस बयान के बाद राजभर समाज में आक्रोश फैल गया और मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में प्रदेश की सियासत में और गर्मी ला सकता है, क्योंकि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से जुड़े बयान अक्सर व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रिया पैदा करते हैं।

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