समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार की नीतियों और हाल ही में पेश किए गए ‘विकसित भारत ग्राम योजना’ (VB-G RAM G) बिल को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का असल एजेंडा ग्रामीण इलाकों से पलायन रोकना नहीं, बल्कि उद्योगपतियों को सस्ता श्रम मुहैया कराने के लिए मजदूरों को शहरों की ओर धकेलना है। वीरेंद्र सिंह ने वायु प्रदूषण और नकारात्मक चुनावी राजनीति को लेकर भी सरकार को घेरा।
“उद्योगपतियों के लिए मजदूर तैयार कर रही सरकार”
सपा सांसद ने VB-G RAM G बिल (मनरेगा का नया स्वरूप) की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीण रोजगार योजनाओं का मुख्य उद्देश्य गांवों में काम देकर शहरों की ओर होने वाले पलायन को रोकना होना चाहिए। वीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया:
“यह योजना गरीबों और रोजगार गारंटी से संबंधित है, लेकिन इसे जानबूझकर कमजोर बनाया जा रहा है। सरकार का छिपा हुआ एजेंडा ग्रामीण मजदूरों को शहरों में भेजना है, ताकि बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को बहुत ही सस्ता श्रम मिल सके।”
वायु प्रदूषण पर केवल ‘बयानबाजी’ का आरोप
दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में गहराते वायु प्रदूषण के संकट पर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार केवल बातें करती है, काम नहीं। उन्होंने दुख जताया कि इतने गंभीर मुद्दे पर संसद में चर्चा तक नहीं हो सकी। उनके अनुसार:
“प्रदूषण आज देश के लिए एक जानलेवा संकट बन चुका है, लेकिन सरकार इसे केवल बयानबाजी तक सीमित रखती है। अगर सरकार गंभीर होती, तो संसद में व्यापक चर्चा कराकर ठोस समाधान निकालती। जनता के स्वास्थ्य को राजनीतिक प्राथमिकताओं में सबसे पीछे रखा जा रहा है।”
“नकारात्मक मुद्दों और डर की राजनीति करती है भाजपा”
चुनावी राजनीति पर टिप्पणी करते हुए वीरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा के पास बताने के लिए कोई सकारात्मक विकास कार्य नहीं होते, इसलिए वह ‘डर’ का सहारा लेती है। उन्होंने तंज कसा:
“चाहे पश्चिम बंगाल हो या बिहार, भाजपा कभी अपने काम नहीं गिनाती। इसके बजाय चुनाव आते ही ‘घुसपैठिया-घुसपैठिया’ कहकर जनता में भय पैदा किया जाता है। इसी डर के आधार पर वोट मांगे जाते हैं।”
सांसद ने सरकार से पिछले 10 साल का हिसाब मांगते हुए पूछा कि आखिर कितने घुसपैठियों को रोका गया या निकाला गया? उन्होंने भाजपा को सलाह दी कि वे नकारात्मकता छोड़कर अपने काम के आधार पर जनता के बीच जाएं, तभी उन्हें अपनी असली हैसियत का पता चलेगा।