सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक का अनशन अब 19वें दिन में पहुंच गया है। लगातार उपवास के कारण उनकी सेहत कमजोर होती जा रही है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल वह अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने समर्थकों से अनशन खत्म करने की अपील करने के बजाय 20 जुलाई को प्रस्तावित “चलो संसद” मार्च में शामिल होने का आग्रह किया है।
19 दिनों के अनशन से कमजोर हुई सेहत
देर रात जारी किए गए एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा, “मैं पूरी तरह ठीक नहीं हूं, लेकिन इतनी भी खराब स्थिति में नहीं हूं.” उन्होंने बताया कि लगातार उपवास के चलते शरीर कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन उनका संकल्प पहले की तरह मजबूत बना हुआ है।
ताजा मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, 59 वर्षीय सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पिछले 24 घंटों में उनका वजन करीब 400 ग्राम और अनशन शुरू होने के बाद अब तक लगभग 8.9 किलोग्राम कम हो चुका है। वर्तमान में उनका वजन 57.15 किलोग्राम दर्ज किया गया है।
डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज
मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, सोनम वांगचुक का रक्तचाप 105/76 mmHg, ब्लड शुगर 80 mg/dL और ऑक्सीजन स्तर 97 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि वह पूरी तरह सचेत हैं और मानसिक रूप से भी सामान्य स्थिति में हैं। हालांकि, लगातार उपवास को देखते हुए उन्हें 24 घंटे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
डॉक्टर ने सरकार से बातचीत की अपील की
वांगचुक का इलाज कर रहे डॉ. अशोक लांबा ने बताया कि उनका वजन अब तक 9 किलोग्राम से अधिक घट चुका है। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से वांगचुक पूरी तरह सतर्क और सचेत हैं।
डॉ. अशोक लांबा ने कहा, “सोनम वांगचुक हमारे देश का एक अनमोल रत्न हैं. सरकार से हमारी विनती है कि उनके अनशन को समाप्त कराने के लिए गंभीर प्रयास करे और बातचीत के जरिए समाधान निकाले.”
20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल होने की अपील
अपने वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने समर्थकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध न करें। उन्होंने कहा कि यदि लोग वास्तव में उनके आंदोलन का समर्थन करना चाहते हैं, तो 20 जुलाई को आयोजित होने वाले शांतिपूर्ण “चलो संसद” मार्च में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करें।
छात्र संगठन भी भूख हड़ताल में शामिल
जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में कई छात्र संगठन भी सक्रिय रूप से शामिल हैं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के मंच पर नेहा, मनीष और आमीन भी लगातार भूख हड़ताल कर रहे हैं।
संगठन के अनुसार, नेहा का वजन 5.85 किलोग्राम, जबकि मनीष और आमीन का वजन क्रमशः 8.2 और 8.3 किलोग्राम तक कम हो चुका है। तीनों का ब्लड शुगर स्तर भी सामान्य से नीचे पहुंच गया है, जिसके चलते उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर भी डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।