NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने स्पेशल कोर्ट के सामने कई अहम दावे किए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर के संचालक ने परीक्षा से पहले कथित तौर पर केमिस्ट्री के सवाल हासिल करने के लिए 5 लाख रुपये का भुगतान किया था। CBI का कहना है कि यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था, जिसकी जांच अभी भी जारी है।
कोचिंग संचालक पर 5 लाख रुपये देकर सवाल लेने का आरोप
CBI ने स्पेशल कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में आरोप लगाया है कि लातूर के कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर परीक्षा से पहले लीक हुए केमिस्ट्री के प्रश्न हासिल किए। एजेंसी के मुताबिक, इन सवालों के बदले कथित तौर पर 5 लाख रुपये का भुगतान किया गया था।
CBI का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्य इस पूरे घटनाक्रम को एक योजनाबद्ध साजिश की ओर संकेत करते हैं।
NTA प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल से जुड़े व्यक्ति पर भी आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, मोटेगांवकर को कथित तौर पर ये सवाल पी.वी. कुलकर्णी के माध्यम से मिले थे, जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के उस पैनल का हिस्सा थे जिसने NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र तैयार किया था।
CBI ने कोर्ट को यह भी बताया कि मोटेगांवकर का बेटा कुलकर्णी की केमिस्ट्री ट्यूशन क्लास में पढ़ता था और एजेंसी का दावा है कि वहीं से कथित रूप से प्रश्नों तक पहुंच बनाई गई।
मोबाइल फोन से मिले 132 हाथ से लिखे सवाल
जांच के दौरान CBI ने शिवराज मोटेगांवकर का मोबाइल फोन जब्त किया। एजेंसी के मुताबिक, फोन से 36 तस्वीरें बरामद हुईं, जिनमें पांच तस्वीरें डुप्लिकेट थीं।
इन तस्वीरों में हाथ से लिखे केमिस्ट्री के 132 प्रश्न दर्ज थे। CBI का दावा है कि इनमें से 111 सवाल NTA द्वारा तैयार किए गए NEET-UG 2026 के मास्टर क्वेश्चन सेट से मेल खाते हैं। एजेंसी के अनुसार, ये नोट्स कथित तौर पर कुलकर्णी की केमिस्ट्री क्लास में उपलब्ध कराए गए प्रश्नों के आधार पर तैयार किए गए थे।
CBI ने जमानत का किया विरोध
स्पेशल कोर्ट में CBI ने मोटेगांवकर की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्य उनकी कथित भूमिका की ओर इशारा करते हैं।
एजेंसी का तर्क है कि यदि इस स्तर पर जमानत दी जाती है तो इससे जांच प्रभावित होने की आशंका है।
क्या है पूरा मामला?
NEET-UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद 12 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।
फिलहाल CBI इस मामले में पूरे नेटवर्क और कथित साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।