बिहार के सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई गोलीबारी को लेकर प्रशासन ने बड़ा खुलासा किया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौके पर गोली चलाने या हवाई फायरिंग का कोई आदेश नहीं दिया गया था। घटना के बाद गोली चलाने वाले पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने बताया कि संबंधित पुलिसकर्मी को न तो फायरिंग का निर्देश दिया गया था और न ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग की अनुमति दी गई थी। उन्होंने कहा कि जिस हथियार के साथ पुलिसकर्मी भीड़ में गया, उसे उस स्थिति में वहां नहीं होना चाहिए था। प्रशासन का प्राथमिक अनुमान है कि भीड़ में फंसने के कारण उसने गोली चलाई होगी। पूरे मामले की विभागीय जांच जारी है।
गोली चलाने वाला पुलिसकर्मी निलंबित
सीवान के पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा ने बताया कि फायरिंग करने वाले पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदारी तय करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चश्मदीदों ने बताई घटना की अलग तस्वीर
घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे अधिकांश छात्रों के हटने के बाद कुछ नकाबपोश उपद्रवियों ने हिंसा शुरू कर दी। उनका दावा है कि पुलिस पर बड़ी संख्या में पत्थर फेंके गए, जिससे हालात काफी तनावपूर्ण हो गए।
कुछ चश्मदीदों का कहना है कि स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि पुलिस ने अपनी सुरक्षा के लिए गोली चलाई। उनका दावा है कि यदि ऐसा नहीं किया जाता तो हालात और अधिक गंभीर हो सकते थे। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
सीवान गोलीकांड की जांच प्रशासन ने तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना को लेकर बिहार की राजनीति भी गरमा गई है और विभिन्न राजनीतिक दल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
तेजस्वी और राहुल गांधी ने उठाई कार्रवाई की मांग
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने छात्रों की रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे बिहार में आंदोलन किया जाएगा।
वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ घातक हमले और बर्बरता की जा रही है। उन्होंने छात्रों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर सवाल उठाते हुए छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।